कोलकाता के प्रतिष्ठित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना ने राज्यभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसी घटना के विरोध में शनिवार को भाजपा की ओर से गरियाहाट क्रॉसिंग पर प्रदर्शन किया गया, जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर गहन बहस को जन्म दे दिया है।
पुलिस के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके चलते सुकांत मजूमदार समेत कई नेताओं को रोका गया। हिरासत में लेते वक्त मजूमदार ने पत्रकारों से कहा, पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र दम तोड़ चुका है। ममता बनर्जी सरकार में सच्चाई के लिए आवाज उठाना अपराध बन गया है। भाजपा ने इसे राज्य सरकार की असंवेदनशीलता बताया है और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
आरोपियों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज का 55 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी बनर्जी भी शामिल है, जिसे शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले मनोजित मिश्रा (31), जैब अहमद (19) और प्रमीत मुखोपाध्याय (20) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी कॉलेज से जुड़े पूर्व छात्र या स्टाफ सदस्य हैं।
एक आरोपी के पिता ने बयान देते हुए कहा, अगर मेरा बेटा दोषी पाया जाए, तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जाए। कानून से बड़ा कोई नहीं है। पुलिस की ओर से बताया गया कि पीड़िता का बयान दर्ज किया जा चुका है और केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजने की सिफारिश की जाएगी।
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भाजपा ने बनाई जांच समिति
इस गंभीर घटना को लेकर भाजपा ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अगुवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में मीनाक्षी लेखी, बिप्लब देब और मनन मिश्रा शामिल हैं। यह समिति जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी। नड्डा ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ममता सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए हैं।