Detainee Gharwapsi Yojana Platform: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन जारी हैं। राजनीतिक दलों और उनके छात्र संगठनों के प्रदर्शनों के बीच कई लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की जानकारी जुटाने और उनके साथियों को उन्हें तलाशने में मदद करने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसका नाम ‘डिटेनी घरवापसी योजना’ रखा गया है। इस पहल को Gen-Z युवाओं की ओर से शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में उपलब्ध जानकारी को एक जगह जुटाना है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कुछ लोगों को बसों में बैठाकर अलग-अलग थानों या दिल्ली के दूसरे इलाकों में ले जाती है। ऐसे में उनके साथ मौजूद लोगों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को किस जगह ले जाया गया है।
प्लेटफॉर्म पर वालंटियर दिल्ली पुलिस की उन बसों से जुड़ी जानकारी दर्ज करते हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को ले जाए जाने की जानकारी सामने आती है। इससे हिरासत में लिए गए लोगों को तलाशने की प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश की जाती है।
‘डिटेनी घरवापसी योजना’ साझा जानकारी के आधार पर काम करती है। इसमें पुलिस बसों की पहचान, उनके जाने की दिशा और हिरासत में लिए गए लोगों से जुड़ी उपलब्ध जानकारी दर्ज की जा सकती है।
इसके बाद वालंटियर और प्रदर्शन में शामिल लोग उपलब्ध जानकारी को अपडेट करते रहते हैं। इससे किसी व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके साथी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि उसे किस थाने या स्थान पर ले जाया गया है।
ऐसे प्लेटफॉर्म किसी आपात स्थिति में जानकारी जुटाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतना भी जरूरी है।
हिरासत में लिए गए लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, तस्वीर या दूसरी निजी जानकारी सार्वजनिक करने से उनकी गोपनीयता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। वहीं, गलत या अपुष्ट जानकारी से किसी व्यक्ति को लेकर भ्रम भी फैल सकता है।
इसलिए किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसके स्रोत और उसकी पुष्टि करना जरूरी है। निजी जानकारी को सार्वजनिक करने से बचना भी महत्वपूर्ण है।
जंतर-मंतर के आसपास जारी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए जाने से बचने या साथियों को छुड़ाने की कोशिश से जुड़ी कई घटनाएं भी सामने आई हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बसों को रोकने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग बसों की खिड़कियों या आपात रास्तों से बाहर निकलते दिखाई दिए।
एक घटना में एक महिला प्रदर्शनकारी के पुलिस बस की चाबी लेकर भागने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। इन घटनाओं के बीच ‘डिटेनी घरवापसी योजना’ हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों से जुड़ी जानकारी को एक जगह जुटाने की पहल के तौर पर सामने आई है।