Iran to Kill Trump & Netanyahu: पश्चिम एशिया के युद्ध में बदले की राजनीति, धमकियों और वैश्विक नेताओं के नाम भी खुलकर सामने आने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दुनिया की कई राजधानियों में हलचल बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो चुका है। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। एक तरफ ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ईरान के सैन्य अड्डों, मिसाइल सिस्टम और रणनीतिक ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस तनाव के बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। ईरान के एक चर्चित और कट्टरपंथी रुख वाले अखबार ने उन विदेशी नेताओं की तस्वीरें और नाम प्रकाशित किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर ईरान का दुश्मन माना जा रहा है। इन नामों में सिर्फ अमेरिका या इजरायल के नेता ही नहीं हैं, बल्कि ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के शीर्ष नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
यानी सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान अब बदले की नई रणनीति पर काम कर रहा है? क्या यह सिर्फ एक अखबार की सनसनीखेज रिपोर्ट है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा हुआ है? ईरान का दावा है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की कार्रवाई के दौरान अली खामेनेई की मौत हुई थी। अब उनके बेटे और मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाई है।अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद जारी पहले सार्वजनिक संदेश में मोजतबा खामेनेई ने साफ कहा कि बदला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत इच्छा नहीं बल्कि पूरे ईरान की इच्छा है। मोजतबा ने कहा कि जो लोग इस अपराध के जिम्मेदार हैं, वे अपने बिस्तर पर चैन से मरने की उम्मीद छोड़ दें। यही बयान अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। फ्रांस की समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान से प्रकाशित एक अखबार "हमशहरी" ने एक ऑनलाइन इन्फोग्राफिक जारी किया। इस ग्राफिक में 13 विदेशी नेताओं की तस्वीरें दिखाई गईं।