Sanitation Workers Salary: फिरोजाबाद की मेयर कामिनी राठौर जब सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने निकलीं, तो उन्होंने सफाईकर्मियों के यूनियन लीडर से तीखे लहजे में सवाल किया कि वे किस बात की तनख्वाह ले रहे हैं। जिसके बाद यूनियन लीडर ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें पिछले डेढ़-दो साल से न तो कोई राशि मिली है और न ही सफाई के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
मजबूरन, वे अपनी जेब से पैसा खर्च करके शहर की सफाई करने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि इस खुलासे के बाद मेयर शांत हो गई, लेकिन यह घटना नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। इतना ही नही बल्कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिससे भाजपा की छवि और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह पूरी स्थिति नगर निगम के कुप्रबंधन को उजागर करती है, जहाँ सफाई कर्मचारी बिना किसी बुनियादी सुविधा के काम करने को मजबूर हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि क्या प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करता है। इस वीडियो को पूरा देखें....