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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस में भिड़ंत के बाद प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, 'बैरियर तोड़ा, और...'

Prayagraj: माघ मेले में संगम तट पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रशासन ने सुरक्षा में चूक के आरोपों को नकारते हुए एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी।

प्रतीक पाण्डेय

Shankaracharya Avimukteshwaranand: प्रयागराज के माघ मेले में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की हुई। शंकराचार्य के शिष्यों ने पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं प्रशासन का दावा है कि बिना अनुमति और सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर जबरन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की गई।

प्रयागराज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शंकराचार्य के काफिले ने संगम की ओर जाने के लिए किसी भी प्रकार की पूर्व अनुमति नहीं ली थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीपा पुल संख्या 2 पर बैरियर लगाए गए थे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और भगदड़ जैसी स्थिति न बने। प्रशासन का आरोप है कि शंकराचार्य के समर्थकों ने न केवल इन बैरियरों को तोड़ा, बल्कि तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसकी जांच की जा रही है।

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