Muslim Family Making Ravan Effigy: उत्तर प्रदेश के मथुरा में गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिलती है। यहाँ भगवान कृष्ण की नगरी में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व दशहरे के लिए पिछले सौ सालों से अधिक समय से एक मुस्लिम परिवार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले तैयार कर रहा है।
परिवार की कई पीढ़ियां इस कला से जुड़ी हुई हैं और वे बांस, कागज तथा विभिन्न सजावटी सामग्रियों की मदद से बेहद आकर्षक पुतले बनाती हैं। कारीगरों का कहना है कि वे इस पारंपरिक कला को पूरी लगन और शौक के साथ निभाते हैं, जिससे आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द मजबूत होता है। हालांकि, जब वे अपने हाथों से बनाए गए पुतलों को जलते हुए देखते हैं तो उन्हें थोड़ी तकलीफ भी होती है, लेकिन जनता की खुशी उन्हें संतुष्टि देती है।