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Watch: चुनावी लाभ के लिए डेटा का उपयोग करना गलत...आचार्य प्रशांत ने जाति जनगणना पर दिया क्लियर मैसेज, देखें- VIDEO

आध्यात्मिक गुरु और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रशांत ने जाति जनगणना को लेकर कहा कि डेटा संग्रह "अगड़ा पिछड़ा नहीं", उसके पीछे की मंशा सबसे ज्यादा मायने रखती है।

अभिषेक सिंह

नवभारत डेस्क: आध्यात्मिक गुरु और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रशांत ने जाति जनगणना को लेकर कहा कि डेटा संग्रह "अगड़ा पिछड़ा नहीं", उसके पीछे की मंशा सबसे ज्यादा मायने रखती है। आचार्य प्रशांत ने कहा कि अगर जाति जनगणना का इस्तेमाल अधिक सटीक और कुशल नीति निर्माण के लिए हाशिए पर पड़े समुदायों की पहचान करने के लिए किया जाता है तो यह एक अच्छा कदम है। उन्होंने कहा, "किसी भी कार्रवाई की तरह, यह यहां इरादे पर निर्भर करता है। जाति जनगणना का मतलब केवल अधिक डेटा एकत्र करना है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप डेटा के साथ क्या करने का इरादा रखते हैं। यदि आप हाशिए पर पड़े समूह की बेहतर तरीके से पहचान करना चाहते हैं ताकि अधिक सटीक और कुशल नीति निर्माण हो सके, तो यह एक अच्छा कदम है। आचार्य प्रशांत ने कहा कि जाति जनगणना का उपयोग नकारात्मक तरीके से किया जा सकता है, यदि इसका उद्देश्य "जाति पहचान को और पुख्ता करना" या "चुनावी लाभ के लिए डेटा का उपयोग करना" है।

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