दिव्या मित्तल, आरसीपी सिंह और अजीत जोगी की फोटो। सोर्स: सोशल मीडिया
उत्तर प्रदेश

वो IAS अधिकारी कौन है? जो बाद में CM बना, क्या UP में दिव्या मित्तल रचेंगी इतिहास?

Divya Mittal News Party News: क्या आप उस IAS अधिकारी का नाम जानते हैं जो राजनीति में आने के बाद एक राज्य का मुख्यमंत्री बना? क्या यूपी में कमाल करेंगी पूर्व IAS अफसर दिव्या मित्तल?

अमन कुमार पाण्डेय

Divya Mittal News: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से राजनीति में आने वाले कई अधिकारियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इनमें कुछ ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई, तो कुछ ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जैसे पदों तक का सफर तय किया। अब पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 'जननीति भारत' नाम से अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरेगी।

पूर्व IAS जो बने छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री

अजीत जोगी 1970 बैच के IAS अधिकारी थे। प्रशासनिक सेवा छोड़कर उन्होंने कांग्रेस के साथ राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने नवंबर 2000 से दिसंबर 2003 तक यह जिम्मेदारी संभाली।

कांग्रेस से अलग होने के बाद 2016 में उन्होंने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) नाम से अपनी पार्टी बनाई। 2018 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने चुनाव लड़ा, लेकिन सत्ता तक नहीं पहुंच सकी। 29 मई 2020 को अजीत जोगी का निधन हो गया।

आरसीपी सिंह ने बनाई 'आप सब की आवाज' पार्टी

आरसीपी सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के पूर्व IAS अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) से राजनीतिक सफर शुरू किया। वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और केंद्र सरकार में इस्पात मंत्री भी बने।

बाद में उन्होंने 31 अक्टूबर 2024 को 'आप सब की आवाज' (ASA) नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की। हालांकि, मई 2025 में उनकी पार्टी का प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में विलय हो गया।

यूपी चुनाव पर पूर्व IAS दिव्या मित्तल की नजर

दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। 2026 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने 'जननीति भारत' नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया।

दिव्या मित्तल के मुताबिक, उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। उन्होंने जनता की भागीदारी, जरूरत के आधार पर फैसले और सरकारी कामकाज में जवाबदेही को पार्टी के तीन प्रमुख वचन बताया है।

प्रशासन से राजनीति तक का सफर

अजीत जोगी मुख्यमंत्री बने, आरसीपी सिंह ने अपनी पार्टी बनाने के बाद उसका विलय जन सुराज में कर दिया, जबकि दिव्या मित्तल अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई शुरुआत कर रही हैं। उनकी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में कितना समर्थन मिलता है, यह आने वाला समय बताएगा।

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