Prayagraj Tourism Record In Eight Month: संगम नगरी की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही है। जनवरी से अगस्त तक 23 करोड़ 71 लाख 95 हजार 179 पर्यटक प्रयागराज पहुंचे। इनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या करीब 23.71 करोड़, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 4,522 रही। संगम, बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट, लेटे हनुमान मंदिर, शंकर विमान मंडपम, श्रृंगवेरपुर धाम और ऐतिहासिक स्थलों के प्रति पर्यटकों का आकर्षण लगातार बना हुआ है।
आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 16,23,22,885 पर्यटक प्रयागराज पहुंचे। फरवरी में यह संख्या बढ़कर 6,29,81,350 हो गई। मार्च में 20,55,763, अप्रैल में 19,48,567, मई में 20,89,388, जून में 21,35,976, जुलाई में 18,15,368 और अगस्त में 18,45,282 पर्यटक आए। जनवरी और फरवरी की बड़ी संख्या का प्रमुख कारण धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के साथ संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु रहे।
विदेशी पर्यटकों की संख्या हालांकि भारतीय पर्यटकों की तुलना में काफी कम रही। जनवरी में 1,220, फरवरी में 1,285, मार्च में 689, अप्रैल में 292, मई में 204, जून में 182, जुलाई में 368 और अगस्त में 282 विदेशी पर्यटक प्रयागराज पहुंचे।
पर्यटन विभाग के अनुसार प्रयागराज आने वाले पर्यटक संगम स्नान के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी रुख कर रहे हैं। अक्षयवट, लेटे हनुमान मंदिर, शंकर विमान मंडपम, श्रृंगवेरपुर धाम और अन्य प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। बारिश के दौरान भी संगम क्षेत्र में पर्यटकों की मौजूदगी बनी रही।
कानपुर, चित्रकूट सर्किट और काशी-चित्रकूट सर्किट से जुड़े पर्यटन मार्गों के कारण भी प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। सड़क पर जाम की समस्या के बीच भी पर्यटकों की आवाजाही लगातार जारी रही।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर शहर के होटल और आतिथ्य कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के ठहरने से होटल व्यवसाय को लाभ मिला है। प्रयागराज में पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां आने वाले लोगों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सामने आए ये आंकड़े बताते हैं कि संगम नगरी धार्मिक पर्यटन के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रही है।