जल सत्याग्रह (सोर्स- फोटो नवभारत) 
प्रयागराज

Prayagraj: भाकियू (युवा) का जल सत्याग्रह, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर सीएम के नाम सौंपा 20 सूत्रीय ज्ञापन

Prayagraj News: भारतीय किसान यूनियन (युवा) ने भूमि अधिग्रहण, कम मुआवजा और भू-माफियाओं के खिलाफ जल सत्याग्रह कर मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। साथ ही किसानों को मुआवजा देने की मांग की।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Bharatiya Kisan Union (Youth Wing) Prayagraj: भूमि अधिग्रहण, किसानों को मुआवजा, भू-माफियाओं के कब्जे और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (युवा) ने प्रयागराज में आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन ने संगम क्षेत्र में जल सत्याग्रह करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि जिले के कई गांवों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें नियमों के अनुरूप मुआवजा नहीं मिल रहा।

वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग

भाकियू (युवा) के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि प्रयागराज के कई गांवों में नगरीय क्षेत्र की भूमि का मूल्यांकन कृषि सर्किल रेट के आधार पर किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बाजार मूल्य की तुलना में बेहद कम दर पर मुआवजा तय किए जाने से किसानों को करोड़ों रुपये की क्षति हो सकती है।

उन्होंने कटौहला, गोसाईंपुर सहित कई गांवों का उल्लेख करते हुए पूरे मुआवजा निर्धारण की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

किसानों की शिकायतों का नहीं हो रहा समाधान

ज्ञापन में भू-माफियाओं द्वारा किसानों की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों का भी मुद्दा उठाया गया है। संगठन का आरोप है कि कुछ मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों की शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है। भाकियू (युवा) ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध कब्जे हटाने, राजस्व विभाग में पारदर्शिता लाने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने तथा किसानों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और उन्हें न्याय दिलाना है। भाकियू (युवा) ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

अब निगाहें जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो संगठन ने आंदोलन को और व्यापक रूप देने के संकेत दिए हैं।

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