नगला श्री पदम गांव में महेश, उनकी पत्नी और तीन बच्चों के शव एक ही कमरे में मिले।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं; विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस ने संपत्ति विवाद के एंगल से जांच करते हुए मृतक की दो बहनों और जीजा को गिरफ्तार किया।
Greater Noida Family Deaths: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार रात महेश, उनकी पत्नी ललिता और तीन बच्चे खाना खाने के बाद सोने चले गए। शनिवार सुबह पांचों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई, लेकिन जांच में जहर दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि महेश ने ही मैगी में जहर मिलाया था। महेश के फोन से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने की बात भी सामने आई है, जिसमें उसने अपनी दो बहनों और जीजा को मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मृतक की दोनों बहनों और जीजा को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और मौतों के कारण की पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
रबूपुरा थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय के मुताबिक, एक रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर मृतक की दो बहनों और जीजा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद की आशंका सामने आई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस विवाद का घटना से क्या संबंध था।
यूपी पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं। इसके बाद विसरा के नमूने सुरक्षित रखकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मृतकों की पहचान महेश, उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7) और बेटों लड्डू (11) व साक्षात (3) के रूप में हुई है। शनिवार सुबह रबूपुरा के पास नगला श्री पदम गांव स्थित उनके घर से पांचों के शव बरामद किए गए थे।
शुरुआत में मैगी खाने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई गई थी। लेकिन पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। अब पुलिस ऑडियो रिकॉर्डिंग, पारिवारिक विवाद और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि महेश मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा हो सकता था। हालांकि, इस पहलू की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या कोई अन्य वजह थी।
एसीपी ग्रेटर नोएडा राजीव सिसोदिया के मुताबिक, पांचों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और विसरा के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ से मामले की परिस्थितियां स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल, इस मामले में मौतों के सटीक कारण और घटनाक्रम को लेकर जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।