Meerut Gurjar Mahasabha Memorandum: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित दिग्विजय भाटी मामले शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908), मेरठ इकाई की ओर से आज जिलाधिकारी मेरठ को एक प्रार्थना-पत्र सौंपकर दिग्विजय भाटी प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की गई। महासभा ने अपने प्रार्थना-पत्र में कहा कि प्रकरण की जांच किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए।
संगठन ने पुलिस जांच के स्थान पर न्यायिक जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908), मेरठ इकाई ने जिलाधिकारी महोदय से आग्रह किया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच के बजाय न्यायिक जांच के आदेश तत्काल पारित किए जाएं तथा जांच को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रखा जाए।
महासभा ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी पक्ष विशेष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित कराना है। संगठन ने प्रशासन से मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की है। जिलाधिकारी की गैर-मौजूदगी में उनके प्रतिनिधि द्वारा महासभा के पदाधिकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा एवं राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र न्यायिक जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष मनोज चपराना, - कुशल पाल मावी, - सुरेंद्र नागर, सुभाष गुर्जर, रॉबिन गुर्जर, नीरज गुर्जर, शक्ति सिंह गुर्जर, आशीष गुर्जर आदि मौजूद रहे