'टेक संगम 2026' कार्यक्रम में सीएम (सोर्स- नवभारत लाइव
मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'टेक संगम 2026' को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने क्वांटम फॉरेंसिक्स और विधिक अनुपालन के क्षेत्र में कार्य करने वाले 'LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने कंसेंट मैनेजमेंट पोर्टल लॉन्च किया, 'अभेद्य' परियोजना की आधारशिला रखी और 'एआई इन कंस्ट्रक्शन' पुस्तक का विमोचन भी किया। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्य, क्वांटम तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और एआई के न्यायिक व प्रशासनिक उपयोग पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए बताया कि करीब 100 एकड़ की जिस जमीन पर आज विश्वस्तरीय फॉरेंसिक संस्थान खड़ा है, उस पर कभी लखनऊ के एक बड़े भू-माफिया का कब्जा था। उस समय पुलिस भी इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले लखनऊ में साइबर फॉरेंसिक और क्वांटम तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा करना भी सपने जैसा लगता था। आज उसी जमीन पर बना संस्थान प्रदेश में वैज्ञानिक जांच, आधुनिक अपराध अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता समझाते हुए मुख्यमंत्री ने लोकप्रिय टीवी सीरियल 'सीआईडी' का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पहले लोग टेलीविजन पर देखते थे कि एक बाल या फिंगरप्रिंट के आधार पर अपराधी तक कैसे पहुंचा जाता है। अब फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसी जांच वास्तविक जीवन में संभव हो रही है।सीएम योगी ने एक माफिया का जिक्र किया, जिसने वर्ष 1980 में अपराध किया, लेकिन साक्ष्यों के अभाव और डीएनए सैंपल नष्ट होने के कारण उसे वर्ष 2022 में, यानी 42 साल बाद सजा मिल सकी।