गिरफ्तार आरोपी (सोर्स- फोटो नवभारत)
कानपुर

कानपुर में 100 करोड़ के साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा; दुबई से हो रहा था गिरोह चलाने का संचालन, 3 गिरफ्तार

Kanpur Cyber Crime News: कानपुर की फजलगंज पुलिस ने साइबर ठगी के कथित बड़े नेटवर्क का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का कथित सरगना दुबई से नेटवर्क चला रहा था।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Kanpur Cyber Fraud Gang: कानपुर की फजलगंज पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का कथित सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर गिरोह को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस को इस सिंडिकेट के जरिए देश-विदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और लेनदेन किए जाने की आशंका है।

तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

दादानगर ढाल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने स्विफ्ट कार सवार तीन आरोपियों कपिल वर्मा उर्फ कपिल देव उर्फ शंटी, अभय प्रताप और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 4 POS मशीन, 89 ATM/क्रेडिट कार्ड, 37 सिम कार्ड, 15 चेकबुक, 18 पासबुक, 4 हिसाब-किताब रजिस्टर, आधार कार्ड की छायाप्रतियां, पेन, इंक पैड, UPI QR कोड, फर्जी प्राइवेट फर्मों के आवेदन पत्र और 1300 रुपये नकद बरामद किए गए।

आम लोगों को लालच देकर खुलवाते थे बैंक खाते

पुलिस के मुताबिक आरोपी आम लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद ATM, सिम, चेकबुक, पासबुक और ऑनलाइन बैंकिंग आईडी-पासवर्ड अपने कब्जे में लेकर इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया जाता था। बदले में खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बचत खातों में आने वाली रकम पर करीब 20 प्रतिशत और करंट अकाउंट के जरिए रकम मंगाने पर 40 प्रतिशत तक कमीशन हासिल करता था। पुलिस को शक है कि ठगी की रकम को अलग-अलग खातों और फर्जी फर्मों के जरिए घुमाकर उसका स्रोत छिपाया जाता था।

दुबई से बैठकर नेटवर्क चलाने का आरोप

पुलिस के अनुसार सुल्तान मिर्जा नाम का व्यक्ति वर्तमान में दुबई में रहकर इस साइबर नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस ने उसके अलावा केपी, अमित उर्फ जगदीश, आशीष समेत अन्य आरोपियों को भी वांछित किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस को जांच के दौरान अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने और साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में संभावित मिलीभगत के संकेत भी मिले हैं। इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है।

89 ATM/क्रेडिट कार्ड, 37 सिम और दर्जनों बैंकिंग दस्तावेजों की बरामदगी ने पुलिस को इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने का बड़ा सुराग दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 100 करोड़ से अधिक की संदिग्ध रकम का नेटवर्क किन-किन शहरों और लोगों तक फैला है।

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