मेटा  (सोर्स- सोशल मीडिया)
गोरखपुर

मां-पापा मुझे माफ कर देना: इंस्टाग्राम पोस्ट से मिला अलर्ट; 6 मिनट में पहुंची गोरखपुर पुलिस, बचाई युवती की जान

Meta Alert UP Police: गोरखपुर के खोराबार में इंस्टाग्राम पोस्ट पर मेटा से अलर्ट मिलने के बाद यूपी पुलिस महज छह मिनट में युवती के घर पहुंची। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण युवती की जान बच गई।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights

  • रात 10:16 बजे पुलिस को मिला मेटा का अलर्ट

  • 10:22 बजे घर पहुंची गोरखपुर पुलिस

  • खोराबार में परिजनों की मदद से युवती को फंदे से उतारा

  • 2022 से यूपी में लागू है यह व्यवस्था

Gorakhpur Instagram Alert: सोशल मीडिया पर समय रहते मिले अलर्ट और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने गोरखपुर में एक युवती की जान बचा ली। गोरखपुर जिले के खोराबार क्षेत्र की युवती ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या की कोशिश से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया था। मेटा कंपनी से उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। महज छह मिनट में टीम घर पहुंची और युवती को फंदे से उतारकर उसकी जान बचा ली।

इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर मां-पापा से मांगी थी माफी

पुलिस के मुताबिक, बीते 11 अक्टूबर की रात युवती ने पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में डालते हुए वीडियो पोस्ट किया था। इसके साथ उसने लिखा था, ‘मां-पापा मुझे माफ कर देना, शायद मेरी पसंद गलत थी।’ मेटा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को अलर्ट भेजा।

रात 10:16 बजे मिला अलर्ट, 10:22 बजे पहुंची पुलिस रात 10:16 बजे डीजीपी मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल से अलर्ट मिला। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट और मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी लोकेशन पता की गई। इसके बाद खोराबार थाना प्रभारी सुधांशु सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम रवाना हुई और रात 10:22 बजे घर पहुंच गई।

जब घर पहुँची पुलिस तो कमरे में फंदे से छटपटा रही थी युवती

पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ कमरे में पहुंचकर युवती को फंदे पर लटका देखा। पुलिस टीम ने तत्काल फंदा हटाकर उसे नीचे उतारा और प्राथमिक उपचार दिया। समय रहते हुई कार्रवाई से युवती की जान बच गई। परिजनों ने पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताया।

मेटा और यूपी पुलिस के बीच 2022 से लागू है व्यवस्था

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट या गंभीर संकेत मिलने पर मेटा, यूपी पुलिस को ई-मेल या फोन के जरिए सूचना देता है। वर्ष 2022 से लागू इस व्यवस्था के तहत पुलिस संबंधित व्यक्ति की पहचान और लोकेशन पता कर उसकी मदद के लिए पहुंचती है। खोराबार की घटना में भी यही व्यवस्था कारगर साबित हुई।

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