संभल सीओ अनुज चौधरी (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

होली और जुमा से जुड़े विवादित बयान मामले में संभल सीओ को क्लीन चिट, मुस्लिमों को दी थी नसीहत

होली और जुमा पर विवादित बयान मामले में संभल सीओ अनुज चौधरी को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने होली और जुमा एक ही दिन पड़ने के कारण उन्होंने रंग से परहेज करने वालों को घर से न निकलने की नसीहत दी थी।

Saurabh Pal

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तैनात सीओ अनुज चौधरी बीते माह काफी अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर चर्चा में रहे थे। अब उन्हें क्लीन चिट मिल गई है। होली से पहले चौधरी ने शांति समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, ‘‘होली साल में एक बार आने वाला त्योहार है, जबकि जुमे की नमाज साल में 52 बार होती है। अगर किसी को होली के रंगों से असहजता महसूस होती है तो उन्हें उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए। जो लोग बाहर निकलते हैं उन्हें खुले दिमाग से काम लेना चाहिए, क्योंकि त्योहार मिलजुल कर मनाए जाने चाहिए।''

होली और जुमा से जुड़े विवादित बयान को लेकर संभल के पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। संभल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी को (होली और जुमा से जुड़े बयान के लिए) क्लीन चिट दे दी गई है।'' अधिकारी ने इस बारे में और कुछ बताने से इनकार कर दिया।

सीओ के बयान से गरमा गई थी सियासत

इस साल मार्च में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर की शिकायत के बाद चौधरी के बयान को लेकर जांच की जा रही है। होली से पहले सीओ चौधरी ने शांति समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था कि होली साल में एक बार आने वाला त्योहार है, जबकि जुमे की नमाज साल में 52 बार होती है। अगर किसी को होली के रंगों से असहजता महसूस होती है तो उन्हें उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए। उनके इस बयान बाद सियासत गर्मा गई थी। विपक्षी दलों ने खास कर आपत्ति जाहिर की थी।

सीओ ने दोनों समुदायों से की थी अपील

अपने इस बयान में अनुच चौधरी ने सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से जश्न मनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर एक महीने से शांति समिति की बैठकें हो रही हैं। चौधरी ने दोनों समुदायों से एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया था और जनता से उन लोगों पर जबरन रंग डालने से बचने की अपील की जो इसमें भाग नहीं लेना चाहते।

'होली और ईद दोनों का सार एकजुटता'

उन्होंने कहा था "जिस तरह मुसलमान ईद का बेसब्री से इंतजार करते हैं, उसी तरह हिंदू होली का इंतजार करते हैं। लोग रंग लगाकर, मिठाइयां बांटकर और खुशियां बांटकर जश्न मनाते हैं। इसी तरह, ईद पर लोग खास व्यंजन बनाते हैं और जश्न मनाने के लिए एक-दूसरे को गले लगाते हैं। दोनों त्योहारों का सार एकजुटता और आपसी सम्मान है।''

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