ईदगाह-खेरिया मोड़ को जोड़ने वाले ROB बंद होते ही बिगड़ी यातायात व्यवस्था
डेढ़ से दो लाख लोगों की आवाजाही प्रभावित
विधायक डॉ. जीएस धर्मेश को खुद उतरना पड़ा मैदान में
Agra Rickety Railway Overbridge: ईदगाह और खेरिया मोड़ को जोड़ने वाले जर्जर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को पुनर्निर्माण के लिए बंद करते ही आगरा की यातायात व्यवस्था की परीक्षा शुरू हो गई। रेलवे और जिला प्रशासन ने यातायात के लिए अर्जुन नगर, बाराखंबा और नगला छउआ मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में निर्धारित किया, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाएं लड़खड़ा गईं। जगह-जगह जाम, संकरी सड़कों, अतिक्रमण और चौक नालियों की समस्या ने राहगीरों के साथ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालात ऐसे बने कि स्थानीय विधायक डॉ. जीएस धर्मेश को खुद सड़क पर उतरकर लोगों की समस्याएं सुननी पड़ीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश देने पड़े।
ईदगाह-खेरिया मोड़ ROB बंद होने से पहले इस मार्ग से प्रतिदिन करीब दो से पांच हजार लोगों की आवाजाही होती थी। अब वैकल्पिक मार्गों पर प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोगों के आवागमन का अनुमान है। इन रास्तों से करीब डेढ़ सौ बस्तियों और कॉलोनियों के साथ लगभग दो हजार गांवों के लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होगी। इतनी बड़ी आबादी का यातायात संभालने की जिम्मेदारी अब वैकल्पिक मार्गों पर आ गई है, लेकिन पहले दिन की स्थिति ने तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
अर्जुन नगर, बाराखंबा और नगला छउआ क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति, जगह-जगह अतिक्रमण और चौक नालियों के कारण यातायात का सुचारू संचालन चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि जब तक सड़कें दुरुस्त नहीं होंगी, अतिक्रमण नहीं हटेगा और नालियों की सफाई नहीं होगी, तब तक इस मार्ग पर वाहनों का दबाव संभालना मुश्किल रहेगा। इसका खामियाजा आम राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर भुगतना पड़ रहा है।
ईदगाह-खेरिया मोड़ को जोड़ने वाला रेलवे ओवरब्रिज जर्जर होने के कारण पुनर्निर्माण के लिए बंद किया गया है। इसके चलते अगले 90 दिनों तक इस मार्ग पर यातायात बहाल होने की संभावना नहीं है। हालांकि, निर्माण कार्य निर्धारित अवधि से पहले पूरा होता है या इसके लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ती है, यह आगे की कार्यप्रगति पर निर्भर करेगा। फिलहाल लोगों को वैकल्पिक रास्तों से ही गुजरना होगा।
ऐसे में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर ROB का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है, तो दूसरी ओर वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव संभालने के लिए बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करनी हैं।
पहले दिन यातायात व्यवस्था बिगड़ने और स्थानीय लोगों तथा व्यापारियों के विरोध के बाद विधायक डॉ. जीएस धर्मेश मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका समाधान कराया जाएगा।
विधायक ने लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को सड़क सुधारने, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा चौक नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए। व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के लिए रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक का समय निर्धारित किए जाने की बात कही गई, ताकि अगले दिन से यातायात संचालन में सुधार लाया जा सके।
इसके साथ ही वैकल्पिक मार्ग पर सड़क के बीच डिवाइडर बनाने का निर्णय भी लिया गया, जिससे वाहनों की आवाजाही निर्धारित दिशा में हो सके। इसका उद्देश्य आमने-सामने से आने वाले वाहनों के कारण लगने वाले जाम को कम करना और यातायात को व्यवस्थित करना है।
नवभारत से विशेष बातचीत में विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि अर्जुन नगर, बाराखंबा और नगला छउआ क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज से संबंधित कार्यों में देरी के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईदगाह-खेरिया मोड़ ROB पर काम शुरू होने के बाद वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्थाएं दुरुस्त होना बेहद जरूरी था।
विधायक ने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क, रूट डायवर्जन, अवैध अतिक्रमण और चौक नालियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। लोगों को जाम से राहत दिलाना प्राथमिकता है और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
बाजार कमेटी के अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि रेलवे अधिकारियों से कई बार आग्रह करने के बावजूद वैकल्पिक मार्गों को समय रहते दुरुस्त नहीं कराया गया। इसका परिणाम अब स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। ROB बंद होने के पहले ही दिन लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
उन्होंने कहा कि विधायक ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। अब जरूरी है कि संबंधित विभाग केवल निर्देश देने तक सीमित न रहें, बल्कि सड़क, नाली, अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं को जमीन पर दूर करें।
ईदगाह-खेरिया मोड़ ROB के पुनर्निर्माण के दौरान अगले 90 दिनों तक वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बना रहेगा। ऐसे में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, रेलवे और ट्रैफिक पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। डीसीपी ट्रैफिक ज्ञानेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने समस्याओं के निराकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई है।
अब निगाह इस बात पर टिकी है कि रातोंरात व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश कितने प्रभावी साबित होते हैं। यदि सड़क सुधार, अतिक्रमण हटाने, नालियों की सफाई और डिवाइडर निर्माण का काम समय पर पूरा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में वैकल्पिक मार्गों पर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। 90 दिन की निर्माण अवधि में जनता को राहत देना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।