Highlights:
महिला की सोने की चूड़ियां चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब
महाराष्ट्र से दो गिरफ्तार
500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले
Agra Janakpuri Mahotsav Theft Case: जनकपुरी महोत्सव के दौरान महिला के हाथ से सोने की चूड़ियां चोरी करने के मामले में आगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिकंदरा पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे जिले के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे गैंग का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी गणेश और इरफान अंतरराज्यीय ‘बांगड़ी कटिंग गैंग’ से जुड़े हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गईं दो पीली धातु की चूड़ियां भी बरामद की गई हैं।
डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जनकपुरी महोत्सव के दौरान नगर निगम पार्किंग क्षेत्र में एक महिला के हाथ से शातिर तरीके से चूड़ियां चोरी कर ली गई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। इसके साथ ही पुलिस टीम ने अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।
महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की तलाश पुलिस के लिए चुनौती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिकंदरा पुलिस के साथ सर्विलांस और एसओजी की टीम को भी लगाया गया। संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस के मुताबिक, इसी कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों का पता महाराष्ट्र के ठाणे जिले में चला, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश और इरफान के रूप में की है। आगरा पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी अंतरराज्यीय ‘बांगड़ी कटिंग गैंग’ से जुड़े हुए हैं। इनके पास से जनकपुरी महोत्सव के दौरान चोरी की गईं दो पीली धातु की चूड़ियां बरामद हुई हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को भीड़भाड़ वाले धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में होने वाली चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
थाना सिकंदरा क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामले में की गई इस कार्रवाई के बाद आगरा पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की अहम भूमिका रही। भीड़भाड़ वाले आयोजनों में आभूषण पहनकर जाने वाले लोगों के लिए यह घटना सतर्क रहने की जरूरत भी बताती है।