गिरफ्तार अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों के साथ पुलिस टीम सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

Agra: जानवरों की आवाज में देते थे चोरी का सिग्नल, अंतरराज्यीय गिरोह के छह शातिर चोर गिरफ्तार

Agra Police Success: आगरा के पश्चिमी जोन पुलिस के थाना कागारौल पुलिस, एसओजी व अन्य पुलिस इकाइयों ने संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया। अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

प्रदीप कुमार रावत, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • पशुओं की आवाज निकालकर साथियों को चोरी का देते थे इशारा

  • चोरी का शक न हो इसलिए गांव से दूर स्थित मकानों में करते थे चोरी

  • आरोपियों के पास से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद

Agra Inter-State Theft Gang Arrested: जानवरों की आवाज निकालकर साथियों को चोरी का संकेत देना, किराए की एसयूवी से दूसरे जिलों में पहुंचना और गांवों के बाहरी इलाकों में स्थित घरों को निशाना बनाना। चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए शातिर चोरों का गिरोह इस तरह की रणनीति अपनाता था। आगरा के पश्चिमी जोन पुलिस की थाना कागारौल पुलिस, एसओजी और अन्य पुलिस इकाइयों की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की कई वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इनका नेटवर्क करीब 20 लोगों का बताया जा रहा है। आरोपी पांच-पांच लोगों की अलग-अलग टोलियां बनाकर वारदात करते थे। एक गांव में प्रवेश करने के बाद एक ही रात में दो या उससे अधिक घरों को निशाना बनाने की कोशिश करते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आगरा में चोरी की तीन घटनाओं में उनकी संलिप्तता सामने आने की बात पुलिस ने कही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

मामले का खुलासा करते पुलिस अधिकारी

जानवरों की आवाज निकालकर साथियों को करते थे सतर्क

इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली रणनीति साथियों के बीच संकेतों का आदान-प्रदान करना था। अपर पुलिस उपायुक्त आदित्य कुमार के अनुसार, आरोपी चोरी के दौरान मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचते थे। यदि उन्हें आसपास किसी व्यक्ति की मौजूदगी या खतरे का अंदेशा होता, तो वे भेड़िये अथवा दूसरे जानवरों जैसी आवाज निकालकर अपने साथियों को सतर्क कर देते थे। इससे आसपास के लोगों को संदेह भी नहीं होता था कि किसी घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।

आगरा पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले से तय कर लेते थे कि कितने समय में चोरी करनी है और वारदात के बाद कहां मिलना है। इसी रणनीति के तहत वे कम समय में एक से अधिक घरों को निशाना बनाने की कोशिश करते थे।

गांवों के बाहरी मकान और हाईवे के आसपास के घर निशाने पर

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जो गांवों के बाहरी हिस्से में, हाईवे के आसपास या दूसरे जिलों की सीमाओं के नजदीक स्थित होते थे। गांव से कुछ दूरी पर बने मकानों को भी प्राथमिकता दी जाती थी। आरोपियों की कोशिश ऐसे घरों को निशाना बनाने की रहती थी, जहां उनकी गतिविधियों पर लोगों की नजर पड़ने की आशंका कम हो।

बताया गया है कि चोरी के दौरान आसपास के करीब 500 मीटर के दायरे में कोई दूसरा मकान मिलने पर आरोपी उसे भी निशाना बनाने का प्रयास करते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य अपने तय ठिकाने की ओर निकल जाते थे।

किराए की एसयूवी से दूसरे जिलों में पहुंचता था गिरोह

अपर पुलिस उपायुक्त आदित्य कुमार ने बताया कि आरोपी पेशेवर तरीके से चोरी करते थे। वे किराए पर एसयूवी जैसे वाहन लेकर दूसरे जिलों में प्रवेश करते और पहले से चिह्नित घरों की रेकी करने के बाद वारदात करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य आगरा के अलावा हरियाणा, राजस्थान और अन्य क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गाजियाबाद और गोरखपुर समेत दूसरे स्थानों पर भी उनकी गतिविधियों की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तार छह आरोपियों में दो शाहजहांपुर, तीन बदायूं और एक बरेली का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सरगना के खिलाफ विभिन्न थानों में 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपने कुछ अन्य साथियों के फरार होने की जानकारी भी दी है।

डेढ़ से दो महीने की पड़ताल के बाद पुलिस को मिली सफलता

अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने करीब डेढ़ से दो महीने तक काम किया। पिछले दस वर्षों में हुई चोरी की घटनाओं के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। वारदातों के तरीके, घटनास्थलों और आरोपियों की कार्यशैली का मिलान करने के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया। इसी पड़ताल के आधार पर संयुक्त टीम ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

उन्होंने यह भी बताया कि बारिश और खराब मौसम का फायदा उठाकर आरोपी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते थे। ऐसे मौसम में उनकी गतिविधियों पर लोगों की नजर कम पड़ने की आशंका रहती थी।

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस बरामद आभूषणों और नकदी के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में लगी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में चोरी की अन्य वारदातों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।

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