Highlights:
सिकंदरा थाने में एफआईआर दर्ज करने को लेकर उठे सवाल
कैस्पर्स होम, पीएफए और एसपीसीए के सदस्यों ने सौंपा ज्ञापन
एक लाख रुपये से अधिक के नुकसान का किया दावा
पशु कल्याण संगठनों ने की कार्रवाई की मांग
Agra Stray Dog Feeding Dispute: शहर में बेजुबान जानवरों को भोजन कराने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। सिकंदरा क्षेत्र के भावना एस्टेट में कुत्तों को खाना खिलाने की बात को लेकर एक कैफे संचालक के साथ कथित मारपीट का आरोप लगा है। कैफे संचालक रवि चतुर्वेदी का दावा है कि उनके साथ मारपीट कर सिर फोड़ दिया गया और कैफे में भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया। मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने पशु कल्याण संगठनों के सदस्यों के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। वहां से मामले में एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है।
रवि चतुर्वेदी पुत्र स्वर्गीय सतीश चंद्र चतुर्वेदी, निवासी ए-314, राम रघु आनंदा फेज-2, आगरा के अनुसार, भावना एस्टेट स्थित उनकी सोसायटी के सामने टी-पॉइंट पर कैफे संचालित है। आरोप है कि कैफे के सामने कुत्तों को भोजन कराने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ। इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमले में उनका सिर फोड़ दिया गया और कैफे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में कैफे को एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान जताया है। उनका कहना है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिसमें कथित घटना देखी जा सकती है। प्रार्थना पत्र में मोनू यादव, जीतू यादव उर्फ अन्ना और रामू यादव सहित कुछ लोगों के नाम दर्ज कराए गए हैं। रवि चतुर्वेदी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और दोबारा मारपीट करने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग भी की है।
रवि चतुर्वेदी का आरोप है कि शिकायत लेकर सिकंदरा थाने पहुंचने पर उनसे कहा गया कि एफआईआर में जानलेवा हमले की बात न लिखने पर ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसी के विरोध में उन्होंने पशु कल्याण से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ डीसीपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोरा, पीएफए से ऋचा गुप्ता और राम अवतार, एसपीसीए से विनोद गर्ग आचार्य, कैस्पर्स होम से सुरेखा पसरीचा और के. बग्गा मौजूद रहे। इनके अलावा पीड़ित रवि चतुर्वेदी, गीता चतुर्वेदी तथा हाथरस एसपीसीए से दिव्यांश शर्मा और अलीशा शर्मा भी शामिल हुए।
पीड़ित ने पुलिस से घटना की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में निजी संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जान से मारने के प्रयास, आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया है। कुत्तों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आरोप भी उठाया गया है।
फिलहाल, डीसीपी कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन मिलने की बात सामने आई है।