Rishikesh River Rafting New Rules: ऋषिकेश में मानसून सीजन की विदाई के बाद गंगा में रिवर राफ्टिंग का नया सीजन शुरू हो गया है। बुधवार 23 सितंबर 2026 से गंगा की लहरों पर पूजा अर्चना के साथ रंग बिरंगी राफ्टों का संचालन फिर से प्रारंभ कर दिया गया है।
इस साल एडवेंचर टूरिज्म को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने राफ्टिंग और क्याकिंग के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। ऋषिकेश योग के साथ साथ अपनी विश्व प्रसिद्ध व्हाइट वॉटर राफ्टिंग और बीच कैंपिंग के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध माना जाता है।
ऋषिकेश में राफ्टिंग का नया सीजन शुरू होने के साथ ही गंगा में रंग-बिरंगी राफ्ट फिर दिखाई देने लगी हैं। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर और तेज बहाव राफ्टिंग के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है, इसलिए इस अवधि में गतिविधियां बंद रहती हैं।
मानसून के बाद जलस्तर और रैपिड्स की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद संचालन शुरू किया जाता है। पर्यटन विभाग, साहसिक खेल विभाग और राफ्टिंग कारोबारियों की टीम ने हाल में गंगा के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने जलस्तर को राफ्टिंग के अनुकूल पाया था।
ऋषिकेश में पर्यटकों के लिए अलग-अलग दूरी के राफ्टिंग रूट उपलब्ध हैं। ब्रह्मपुरी से करीब 6 किलोमीटर और गोल्फ कोर्स से करीब 8 किलोमीटर के स्ट्रेच पर राफ्टिंग कराई जाती है।
वहीं शिवपुरी से करीब 18 किलोमीटर और मरीन ड्राइव से करीब 24 किलोमीटर तक के लंबे रूट भी लोकप्रिय हैं। जलस्तर और नदी की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रूट चरणबद्ध तरीके से खोले जाते हैं। इससे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संचालन किया जाता है।
इस सीजन में राफ्टिंग और कयाकिंग संचालन को लेकर लाइसेंस व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को लाइसेंस वितरित किए गए हैं और करीब 700 रिवर गाइडों को प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई गई है।
सुरक्षा नियमों के तहत राफ्टिंग में प्रशिक्षित गाइड की मौजूदगी जरूरी है। आधिकारिक नियमों में राफ्टिंग और कयाकिंग के दौरान हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। राफ्ट की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की भी अनुमति नहीं है।
राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रमाणित लाइफ जैकेट और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है। आधिकारिक नियमों के अनुसार बिना हेलमेट राफ्टिंग या कयाकिंग की अनुमति नहीं है।
प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राफ्टिंग संचालकों को तैयार रखना है। नए सीजन की शुरुआत के साथ ऋषिकेश में एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।