Check PM Kisan Payment Status: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को देश के करोड़ों अन्नदाताओं को एक बड़ी और सुखद सौगात दी है। गुवाहाटी से रिमोट का बटन दबाकर उन्होंने पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त को डिजिटल रूप से जारी किया। इस योजना के तहत सीधे किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की सम्मान राशि भेजी गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रधानमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से कुल 18,640 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे देश के किसानों को समर्पित की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस बार करीब 9 करोड़ 32 लाख से अधिक किसानों को सीधे तौर पर इस योजना का लाभ मिला है। असम की राजधानी गुवाहाटी से शुरू हुआ यह वितरण कार्यक्रम देश के हर कोने में बैठे छोटे किसानों के लिए एक नई उम्मीद लाया है।
अगर आप एक पात्र किसान हैं और अभी तक आपके बैंक खाते में 2000 रूपये आने का संदेश प्राप्त नहीं हुआ है, तो बिल्कुल भी परेशान न हों। सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना बेनिफिशियरी स्टेटस चेक करना चाहिए जिससे वर्तमान स्थिति पूरी तरह साफ हो सके। वहां 'फार्मर्स कॉर्नर' में जाकर आप अपने आधार या मोबाइल नंबर की मदद से किस्त की जानकारी आसानी से देख सकते हैं।
अगर बेनिफिशियरी लिस्ट में नाम होने के बाद भी पैसा नहीं पहुंचा है, तो आप सरकार द्वारा जारी विशेष हेल्पलाइन नंबर 155261 पर बात करें। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800115526 या फिर कार्यालय के लैंडलाइन नंबर 011-23381092 पर भी अपनी शिकायत विस्तार से दर्ज करा सकते हैं। ईमेल के माध्यम से सहायता पाने के लिए आप pmkisan-ict@gov.in पर अपनी समस्या लिखकर विभाग को सीधे भेज सकते हैं।
योजना का लाभ रुकने के पीछे सबसे बड़ा कारण ई-केवाईसी (e-KYC) का पूरा न होना या बैंक विवरण दर्ज करने में कोई मानवीय गलती हो सकता है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि जिन किसानों के आधार और जमीन के कागज पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं, उन्हें तकनीकी दिक्कत आएगी। इसलिए समय रहते अपने सभी रिकॉर्ड दुरुस्त करा लें ताकि भविष्य की किस्तों में आपको किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत गरीब किसानों को हर साल 6,000 रुपये की नकद सहायता कुल तीन किस्तों में सम्मानपूर्वक दी जाती है। इससे पहले 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी और अब तक इस योजना में कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बीज और खाद खरीदने में हर समय एक बहुत बड़ा सहारा साबित हो रही है।