AI Robot 2027: ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से आगे बढ़कर रोबोटिक्स में भी कदम रख रही है। बता दें कि कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन ने संकेत दिया है कि OpenAI के ह्यूमनॉइड रोबोट का शानदार डेमो 2027 में देखने को मिल सकता है। वहीं भविष्य में ऐसे रोबोट इंसानों की तरह आसपास की चीजों को समझकर काम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अभी इसे आम लोगों के लिए लॉन्च करने की तारीख, कीमत या अंतिम डिजाइन का खुलासा नहीं हुआ है।
सैम ऑल्टमैन ने बताया है कि हमारी दुनिया इंसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। घरों के दरवाजे, सीढ़ियां, रसोई और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें इसी हिसाब से डिजाइन की गई हैं। ऐसे में इंसानों के बीच काम करने वाले रोबोट का आकार भी मानव शरीर जैसा होना उपयोगी हो सकता है।
साथ ही ह्यूमनॉइड रोबोट यानी ऐसा रोबोट जिसकी बनावट इंसानों जैसी हो। इसमें हाथ-पैर और चीजों को पकड़ने की क्षमता हो सकती है। इससे उसे उन जगहों पर काम करने में मदद मिल सकती है जिन्हें इंसानों के इस्तेमाल के हिसाब से तैयार किया गया है। लेकिन OpenAI ने अभी अपने रोबोट का पूरा डिजाइन सार्वजनिक नहीं किया है।
किसी रोबोट का चलना या सामान पकड़ना ही काफी नहीं है। उसे यह भी समझना होगा कि किस परिस्थिति में क्या करना है। उदाहरण के लिए बता दें कि पानी का गिलास लाने के लिए रोबोट को गिलास पहचानना, उसे सही तरीके से उठाना और बिना गिराए तय जगह तक पहुंचाना होगा।
इसके लिए AI को आसपास के माहौल को समझने, निर्देशों का सही अर्थ निकालने और गलती होने पर अपनी कार्रवाई सुधारने में सक्षम होना पड़ेगा। वहीं ऑल्टमैन ने भी रोबोट के लिए ऐसी समझ विकसित करने को बड़ी चुनौती बताया है।
OpenAI की रोबोटिक्स से जुड़ी योजना में शुरुआती तौर पर ऐसे रोबोट विकसित करना शामिल है जो निर्माण और दूसरे जरूरी कामों में कुशल कर्मचारियों की मदद कर सकें। लंबे समय में निजी इस्तेमाल वाले रोबोट की संभावना भी है जो घर के कामों में सहयोग दें। लेकिन इनकी उपलब्धता में अभी समय लग सकता है। ऑल्टमैन ने भी कहा है कि सड़कों पर रोबोट आम तौर पर दिखने में 2027 के डेमो के बाद कुछ और साल लग सकते हैं।
वहीं घर में कैमरे, माइक्रोफोन और इंटरनेट से जुड़े रोबोट आने पर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा भी अहम मुद्दे होंगे। लेकिन अभी के लिए OpenAI का प्रोजेक्ट शुरुआती विकास के चरण में है। 2027 का डेमो यह समझने का मौका देगा कि कंपनी इस तकनीक को किस दिशा में ले जा रही है।