Muse Voice Transcribe में क्या है खास। Source. Social Media
टेक्नॉलजी

Meta का बड़ा AI धमाका, 70+ भाषाओं में करेगा Live Voice Transcribe, हिंदी समेत 5 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट

Meta AI Transcription: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Meta ने नया Muse Voice Transcribe मॉडल लॉन्च किया है।

सिमरन सिंह

Meta Muse Voice Transcribe: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Meta ने नया Muse Voice Transcribe मॉडल लॉन्च किया है। इस टूल के बारे में बताए तो यह रियल-टाइम में लोगों की आवाज को टेक्स्ट में बदलने के साथ-साथ बातचीत में शामिल अलग-अलग लोगों की आवाज पहचानने और यह समझने में भी सक्षम है कि कोई व्यक्ति कब बोलना शुरू या बंद करता है। इसमें खास बात यह है कि मॉडल 70 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है जिसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम जैसी पांच प्रमुख भारतीय भाषाएं भी शामिल हैं।

बोलते ही आवाज बदलेगी टेक्स्ट में

Meta ने इसको लेकर जानकारी दी है कि Muse Voice Transcribe को इस तरह तैयार किया गया है कि यूजर के बोलते समय ही उसकी आवाज टेक्स्ट में बदलने लगे। जिसका सीधा मतलब है कि पूरी ऑडियो रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद ट्रांसक्रिप्शन के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। यह मॉडल एक ही सिस्टम में स्पीच ट्रांसक्रिप्शन, स्पीकर आइडेंटिफिकेशन और एंडपॉइंटिंग जैसी क्षमताएं जोड़ता है। इतना ही नहीं यह 20 से ज्यादा लोगों की बातचीत में अलग-अलग आवाजों को पहचान सकता है और एक घंटे से लंबे ऑडियो को भी प्रोसेस कर सकता है

80 मिलीसेकंड में ऑडियो प्रोसेसिंग

Muse Voice Transcribe को लेकर खास बात यह है कि यह ऑडियो को करीब 80 मिलीसेकंड के छोटे हिस्सों में प्रोसेस करता है। जिसमें मॉडल यह तय करता है कि किसी शब्द को तुरंत लिखने के लिए पर्याप्त जानकारी मिल चुकी है या थोड़ी देर और इंतजार करना बेहतर होगा। वहीं आसान शब्दों को यह तुरंत ट्रांसक्राइब कर सकता है जबकि अस्पष्ट शब्दों के मामले में ज्यादा संदर्भ मिलने तक रुक सकता है। वहीं Meta ने बताया है कि रीइन्फोर्समेंट लर्निंग मॉडल को यह फैसला लेने में मदद करती है जिससे ट्रांसक्रिप्शन की सटीकता बेहतर होती है

हिंदी समेत 5 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट

Meta के इस मॉडल को 70 से ज्यादा भाषाओं के साथ ट्रेन किया गया है। जिसमें शुरुआती रिलीज के लिए 25 भाषाओं की टेस्टिंग की गई है जिनमें भारत की हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा भी शामिल हैं। वहीं इसमें एक और खासियत है जो कोड-स्विचिंग की है। जिसका सीधा मतलब है कि बातचीत के बीच यूजर भाषा बदल दे या एक ही वाक्य में दूसरी भाषा का इस्तेमाल करे तब भी मॉडल उसे ट्रांसक्राइब कर सकता है। उसे हर बार भाषा मैन्युअली बदलने की जरूरत नहीं होती है।

डेवलपर्स के लिए कितनी है कीमत?

Muse Voice Transcribe को Meta Model API के जरिए डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। जिसमें Mac के लिए Meta AI और Muse Code पहले से डिक्टेशन में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं API की कीमत 1,000 ऑडियो मिनट के लिए $3 (करीब ₹300) रखी गई है। यानी एक घंटे की प्रोसेसिंग लागत लगभग $0.18 (करीब ₹17) बैठती है।

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