CURAPOD Device For Pain Relief: आज के समय में काम इतना बदल गया है की लोग ऑफिस के काम से लेकर वर्क फ्रॉम होम में ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर ही गुजरता है। इसके साथ ही लगातार लैपटॉप स्क्रीन को देखना और घंटों मीटिंग्स करना, बिना ब्रेक काम करना लोगों के लाइफस्टाइल के लिए आम बात हो गई है। लेकिन इस तरह की लाइफस्टाइल का सबसे बड़ नुकसान हमारा शरीर झेल रहा है।
काफी कम उर्म से ही लोगों को गर्दन में जकड़न, कंधों का दर्द और कमर की परेशानी होने लगी है जजो किसी जमाने में सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित हुआ करती थी। शुरुआत में तो लोगों को यह सामान्य थकान लगती है लेकिन समय के साथ दर्द बढ़ता जाता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और काम की क्षमता पर असर पड़ता है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग समय की बचत के लिए कई बार दवा खा लेते है या जिन लोगों के पास थोड़ा समय है वो पेन रिलीफ क्रीम या फिजियोथेरेपी का सहारा लेते है। लेकिन इनसे बस कुछ समय का आराम ही मिलता है। वहीं जो लोग रोज 8 से 10 घंटे बैठकर काम करते हैं उनके लिए अपने ऊपर ध्यान देना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वो लोग कुछ खास ढूंढते जो काम करते हुए वो इस्तेमाल कर सके। जिसमें आपकी मदद वियरेबल पेन रिलीफ डिवाइस कर सकता है।
वियरेबल पेन रिलीफ डिवाइस के काम को देखे तो डिवाइस में रेड और नियर इन्फ्रारेड लाइट थेरेपी यानी फोटोबायोमॉड्यूलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें शरीर के प्रभावित हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हुए मसल्स की जकड़न कम करने और बॉडी की नेचुरल रिकवरी प्रोसेस को सपोर्ट करने में मदद मिलती है।
वैसे तो बाजार में गर्दन, कंधों, घुटनों और कमर जैसे हिस्सों के लिए अलग-अलग डिजाइन वाले डिवाइस उपलब्ध हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल करने के लिए या तो आपको काम रोकने पड़ता है या बेड रेस्ट करना होता है।
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CURAPOD के बारें में बताए तो यह वियरेबल डिवाइस हल्के और आसान डिजाइन के साथ आता हैं। जिसका इस्तेमाल ऑफिस में बैठकर, मीटिंग के दौरान या घर के काम करते समय किया जा सकता है। इसके साथ ही कई मामलों में सिर्फ 30 मिनट का एक सेशन ही राहत देने में मदद करता है। वहीं जो लोग लंबे समय से दर्द या जकड़न की समस्या से परेशान है। उनके लिए लगातार 2 से 4 हफ्ते तक नियमित इस्तेमाल भी फायदा दिखाता है।
भविष्य में जाते हुए लाइफ हाइब्रिड वर्क कल्चर और बढ़ते स्क्रीन टाइम के साथ आगे बढ़ रही है। जिससे शरीर पर पड़ने वाला दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। जिस कारण से अब लोग ऐसे स्मार्ट सॉल्यूशंस की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनका इस्तेमाल आपने काम को रोके बिना किया जा सके। ऐसे में यह तो साफ है की आने वाले समय में वियरेबल हेल्थ डिवाइस सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन सकते है।