WhatsApp का फर्जी ऐप। Source. Pixabay
टेक्नॉलजी

Google Play Store पर 5 लाख बार डाउनलोड हुआ फर्जी WhatsApp, ऐसे पहचानें असली ऐप

Google Play Store Scam: Google Play Store पर WhatsApp Messenger के नाम से एक संदिग्ध ऐप सामने आया है जिसको अब तक 5 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। जो अब लोगों के लिए चिंता कि बात बन गई है।

सिमरन सिंह

Highlight:

  • WhatsApp का फर्जी ऐप Google Play Store पर आ गया था।

  • इस ऐप को 5 लाख लोगों ने अब तक डाउनलोड कर लिया था।

  • इस फर्जी ऐप को पहचानने के लिए क्या क्या चीजें देखनी होगी।

Fake WhatsApp App: WhatsApp इस्तेमाल करने वाले Android यूजर्स के लिए एक अहम जानकारी आई है। बता दें कि Google Play Store पर WhatsApp Messenger के नाम से एक संदिग्ध ऐप सामने आया है जिसे अब तक 5 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। वहीं चिंता की बात यह थी कि कुछ यूजर्स को यह ऐप आधिकारिक WhatsApp से ऊपर स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग में दिखाई दे रहा था। ऐसे में नाम और लोगो देखकर ऐप डाउनलोड करने वाले लोग धोखा खा सकते थे। लेकिन रिपोर्ट में यह साबित नहीं हुआ कि इस ऐप को डाउनलोड करने वाले सभी यूजर्स का डेटा चोरी हुआ है या नहीं।

WhatsApp के नाम पर कैसे सामने आया फर्जी ऐप?

Android Authority और The Verge की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में बताया कि इस ऐप को Agment Assets sallu नाम के डेवलपर ने पब्लिश किया था। जिसकी लिस्टिंग में आधिकारिक WhatsApp से मिलते-जुलते आइकन, स्क्रीनशॉट और डिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया गया था। यही वजह थी कि पहली नजर में असली और नकली ऐप के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता था।

यह मामला सबसे पहले Reddit पर एक यूजर की पोस्ट के जरिए सामने आया। रिपोर्ट प्रकाशित होने के समय ऐप Google Play Store पर मौजूद था और उसे 5 लाख से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके थे। इसके बाद में Reddit पर कुछ यूजर्स ने इसके हटाए जाने की जानकारी भी दी। इसलिए इसे डाउनलोड करने से पहले मौजूदा लिस्टिंग की स्थिति जांचना जरूरी है।

असली WhatsApp की पहचान कैसे करें?

Google Play Store पर आधिकारिक WhatsApp ऐप का डेवलपर WhatsApp LLC है। इसके उलट संदिग्ध ऐप Agment Assets sallu के नाम से लिस्टेड था। रिपोर्ट के समय असली ऐप के 10 अरब से ज्यादा डाउनलोड और 24.6 करोड़ से अधिक रिव्यू दर्ज थे।

जानकारी दी जाती है कि ऐप डाउनलोड करने से पहले डेवलपर का नाम, डाउनलोड की संख्या और उपलब्ध रिव्यू जरूर जांचें। केवल हरे रंग का लोगो, सही नाम या सबसे ऊपर दिखाई देने वाली स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग पर भरोसा न करें। रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई थी कि संदिग्ध ऐप Google Play के Early Access प्रोग्राम का इस्तेमाल कर रहा हो सकता है जिसमें सार्वजनिक रिव्यू उपलब्ध नहीं होते। लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।

फर्जी WhatsApp डाउनलोड कर लिया तो क्या करें?

अगर आपने संदिग्ध ऐप इंस्टॉल किया है तो उसे अनइंस्टॉल करें और Google Play Protect से फोन की सुरक्षा जांचें। फोन की सेटिंग में जाकर ऐप को दी गई परमिशन भी देखें। अगर आपने उसमें WhatsApp का वेरिफिकेशन कोड या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज की है तो अपने अकाउंट की सुरक्षा तुरंत जांचें और आधिकारिक WhatsApp के जरिए दोबारा लॉगिन करें।

इसके साथ ही WhatsApp का छह अंकों वाला रजिस्ट्रेशन कोड किसी के साथ साझा न करें। वहीं जरूरत पड़ने पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें। इसमें आपको याद रखना चाहिए कि आधिकारिक ऐप स्टोर पर मौजूद होना भी किसी ऐप की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं होती है।

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