Blood को मच्छरों के लिए बनाएगा जहर। (सौ. Science Daily) 
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खून बना मच्छरों के लिए ज़हर! नई रिसर्च से मलेरिया नियंत्रण में क्रांति

New Malaria Treatment: वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया है की Ivermectin नामक एक दवा इंसान के खून को मच्छरों के लिए ज़हर में बदल देती है। जब किसी व्यक्ति को यह दवा दी जाती है।

सिमरन सिंह

Ivermectin Malaria Prevention: एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। Ivermectin नामक एक दवा इंसान के खून को मच्छरों के लिए ज़हर में बदल देती है। जब किसी व्यक्ति को यह दवा दी जाती है और मच्छर उसे काटता है, तो मच्छर मर जाता है। यह दवा इंसानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है, जबकि मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए यह जानलेवा है।

BOHEMIA स्टडी में सामने आई प्रभावशीलता

Barcelona Institute for Global Health (ISGlobal) द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े BOHEMIA अध्ययन में इस दवा की प्रभावशीलता सिद्ध हुई है। इस अध्ययन में शामिल संस्थानों - la Caixa Foundation, Manhiça Health Research Centre (CISM) और KEMRI-Wellcome Trust ने केन्या और मोज़ाम्बिक में यह शोध किया। इसके परिणाम प्रतिष्ठित The New England Journal of Medicine में प्रकाशित हुए हैं।

अब क्यों ज़रूरी हो गई है नई रणनीति?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2023 तक दुनिया भर में मलेरिया के 26.3 करोड़ मामले और लगभग 5.97 लाख मौतें दर्ज की जाएँगी। मच्छरदानी (LLIN) और इनडोर स्प्रे (IRS) जैसे पारंपरिक उपाय अब कारगर नहीं रहे क्योंकि मच्छरों ने इनसे बचने के नए तरीके विकसित कर लिए हैं। अब वे बाहर या बेवक्त हमला करते हैं। इसलिए, एक नई रणनीति की तत्काल आवश्यकता है।

Ivermectin कैसे करता है काम?

  • Ivermectin का उपयोग पहले से ही नदी अंधता और हाथीपाँव जैसी उपेक्षित बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है।
  • अध्ययन में पाया गया कि जब मनुष्यों को यह दवा दी गई, तो मच्छर खाने के तुरंत बाद मर गए।
  • दवा की मासिक खुराक कई दिनों तक प्रभावी रहती है।

अफ्रीकी देशों में हुआ व्यापक परीक्षण

  • यह अध्ययन केन्या के क्वाले काउंटी और मोज़ाम्बिक के मोपिया ज़िले में किया गया।
  • केन्या में 5 से 15 वर्ष और मोज़ाम्बिक में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तीन महीने तक 400 mcg/kg की खुराक दी गई।
  • Ivermectin लेने वाले बच्चों में मलेरिया के मामलों में 26% की कमी देखी गई।
  • इस अध्ययन में 20,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों और 56,000 से ज़्यादा खुराकें शामिल थीं।

WHO ने भी दिखाई दिलचस्पी

यह अध्ययन विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेक्टर नियंत्रण सलाहकार टीम के पास पहुँच गया है और उन्होंने आगे गहन अध्ययन की सिफ़ारिश की है। ISGlobal की मलेरिया पहल की निदेशक रेजिना राबिनोविच ने कहा, "यह शोध मलेरिया के भविष्य को बदल सकता है। Ivermectin एक सिद्ध, सुरक्षित विकल्प है जो मौजूदा उपायों के साथ मिलकर कारगर साबित हो सकता है।"

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