Airtel Priority Postpaid (Source. Navbharat Desk) 
टेक्नॉलजी

Airtel का नया Priority Postpaid प्लान बना चर्चा का विषय, क्या प्रीपेड यूजर्स की स्पीड होगी धीमी?

Airtel Priority Postpaid: 5G इंटरनेट की रफ्तार बढ़ती जा रही है लेकिन इसी बीच भारती एयरटेल की नई Priority Postpaid सेवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो चुका है। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए है।

सिमरन सिंह

What is Airtel Priority Postpaid: भारत देश में 5G इंटरनेट की रफ्तार बढ़ती जा रही है लेकिन इसी बीच भारती एयरटेल की नई Priority Postpaid सेवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो चुका है। ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या यह सेवा नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का उल्लंघन करती है और क्या इससे प्रीपेड यूजर्स की इंटरनेट स्पीड पर असर पड़ेगा? जिसके बाद अब इस मामले पर एयरटेल ने सरकार के सामने अपना पक्ष साफ रख दिया है।

Airtel ने नेट न्यूट्रैलिटी उल्लंघन से किया इनकार

जानकारी के लिए बता दें कि नई दिल्ली में दूरसंचार विभाग (DoT) की समिति के सामने एयरटेल ने कहा कि उसकी Priority Postpaid सेवा पूरी तरह नियमों के दायरे में है। इसके साथ ही कंपनी के मुताबिक यह सेवा 5G Network Slicing तकनीक पर आधारित है और इसमें किसी भी ऐप, वेबसाइट या कंटेंट को विशेष फायदा नहीं दिया जाता। एयरटेल ने अपमे ग्राहको को जवाब देते हुए यह भी कहा, "प्रायोरिटी पोस्टपेड को पूरी तरह कंटेंट-न्यूट्रल तरीके से लागू किया गया है और यह ट्राई तथा डीओटी के मौजूदा ढाँचे के अनुरूप है। इसमें किसी भी एप्लीकेशन को ब्लॉक करना, स्पीड कम करना, कंटेंट के आधार पर प्राथमिकता देना, जीरो-रेटिंग करना या किसी एप्लीकेशन को विशेष लाभ देना शामिल नहीं है।"

क्या है Airtel का नया Priority Postpaid फीचर?

Priority Postpaid फीचर के बारे में बताए तो एयरटेल ने 19 मई को यह नया प्लान लॉन्च किया था। जिसको लेकर कंपनी ने बताया है कि इस फीचर की मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पोस्टपेड ग्राहकों को लगातार और स्थिर इंटरनेट स्पीड मिलेगी। देखा गया है कि बड़े शहरों और स्टेडियम जैसे स्थानों पर नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ने से इंटरनेट स्लो हो जाता है। ऐसे में Network Slicing तकनीक कुछ यूजर्स को बेहतर नेटवर्क अनुभव देने में मदद करती है।

प्रीपेड यूजर्स को होगा नुकसान या नहीं?

इस परेशानी में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या Priority Postpaid के कारण प्रीपेड यूजर्स की स्पीड कम हो जाएगी? एयरटेल ने इसे पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी ने बताया है कि अभी पीक आवर्स में कुल 5G क्षमता उपयोग करीब 38% है। इसमें पोस्टपेड ट्रैफिक सिर्फ 4% है, जो इस नई सेवा के बाद बढ़कर लगभग 6% तक जा सकता है। एयरटेल का कहना है कि इसके बावजूद प्रीपेड और अन्य यूजर्स के लिए लगभग 60% अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।

6G तकनीक के लिए भी बताया जरूरी

एयरटेल ने समिति को यह भी कहा कि अगर 5G की एडवांस सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई, तो भारत में भविष्य की 6G तकनीक के विकास पर असर पड़ सकता है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में टेलीकॉम कंपनियां अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से नेटवर्क अनुभव देने की कोशिश करेंगी और यह उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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