Airtel And Google (Source. Design) 
टेक्नॉलजी

अब फर्जी SMS से मिलेगा छुटकारा, Airtel और Google का बड़ा कदम, Android यूजर्स को AI सुरक्षा

Airtel Google Partnership: मोबाइल यूजर्स लंबे समय से स्पैम कॉल और फर्जी मैसेज की परेशानी झेल रहे हैं। कभी लोन का झांसा, तो कभी इनाम जीतने का लालच ऐसे मैसेज लोगों को आर्थिक नुकसान तक पहुंचा देते हैं।

सिमरन सिंह

AI Spam Detection: भारत में मोबाइल यूजर्स लंबे समय से स्पैम कॉल और फर्जी मैसेज की परेशानी झेल रहे हैं। कभी लोन का झांसा, तो कभी इनाम जीतने का लालच ऐसे मैसेज लोगों को आर्थिक नुकसान तक पहुंचा देते हैं। अब इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए Airtel और Google ने बड़ा गठजोड़ किया है। इस साझेदारी के तहत RCS मैसेजिंग को AI-पावर्ड सिक्योरिटी से मजबूत किया जाएगा। खास बात यह है कि यह सुविधा Android यूजर्स को Google Messages ऐप के जरिए मिलेगी।

AI और नेटवर्क इंटेलिजेंस की डबल ताकत

  • Airtel अपनी टेलीकॉम नेटवर्क इंटेलिजेंस को Google के RCS प्लेटफॉर्म से जोड़ रहा है। इससे मैसेजिंग सिस्टम पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।
  • AI आधारित स्पैम डिटेक्शन टूल्स सीधे RCS फ्रेमवर्क में एम्बेड किए जाएंगे, जो रियल-टाइम में बिजनेस मैसेज की जांच करेंगे।
  • इससे सेंडर ऑथेंटिकेशन मजबूत होगा और संदिग्ध लिंक या धोखाधड़ी वाले मैसेज पहले ही फिल्टर हो जाएंगे।
  • यूजर्स को हाई-रेज फोटो-वीडियो शेयरिंग, टाइपिंग इंडिकेटर और रीड रिसीट जैसी सुविधाएं पहले की तरह मिलती रहेंगी, लेकिन अब अतिरिक्त सुरक्षा के साथ।

71 अरब स्पैम कॉल ब्लॉक, अब मैसेज की बारी

Airtel का दावा है कि पिछले 18 महीनों में उसके AI एंटी-स्पैम सिस्टम ने 71 अरब स्पैम कॉल और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं। कंपनी के अनुसार, इन कदमों से नेटवर्क पर रिपोर्ट होने वाले वित्तीय नुकसान में 68.7 प्रतिशत तक कमी आई है। नई RCS व्यवस्था मल्टी-लेयर सिक्योरिटी के साथ आएगी। इसमें बिजनेस सेंडर की टेलीकॉम-बैक्ड वेरिफिकेशन, Do Not Disturb नियमों का पालन और प्रमोशनल व ट्रांजैक्शनल मैसेज की स्पष्ट पहचान शामिल होगी। संदिग्ध लिंक को भी मल्टी-लेयर थ्रेट डिटेक्शन सिस्टम से फिल्टर किया जाएगा।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा मजबूत सुरक्षा कवच

दोनों कंपनियों का कहना है कि यह साझेदारी दिखाती है कि टेलीकॉम ऑपरेटर और टेक प्लेटफॉर्म मिलकर यूजर सुरक्षा को नई ऊंचाई दे सकते हैं। ओटीटी मैसेजिंग ऐप्स के मुकाबले, जहां टेलीकॉम-ग्रेड सुरक्षा मानक लागू नहीं होते, यह कदम ज्यादा भरोसेमंद सिस्टम देने की दिशा में बड़ा प्रयास है। इस पहल का मकसद भारत में RCS मैसेजिंग को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है, ताकि यूजर्स फर्जी ऑफर, स्कैम लिंक और स्पैम बिजनेस मैसेज से बेहतर तरीके से बच सकें। आने वाले समय में यह मॉडल डिजिटल कम्युनिकेशन की सुरक्षा के लिए नया मानक बन सकता है।

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