वीरेंद्र सहवाग का 2011 वर्ल्ड कप महारिकॉर्ड
लगातार 5 मैचों की पहली गेंद पर चौका
बांग्लादेश के खिलाफ खेली 175 रनों की पारी
डेल स्टेन की पहली गेंद पर पूरा किया रिकॉर्ड
Virender Sehwag Batting Style: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 20 अक्टूबर 2026 को अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ में जन्मे सहवाग ने अपने करियर में कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो आज भी अमर हैं। ऐसा ही एक 'महारिकॉर्ड' उन्होंने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में बनाया था, जिसे आज तक विश्व क्रिकेट का कोई भी आधुनिक धुरंधर दोहरा नहीं पाया है।
2011 के वनडे वर्ल्ड कप में वीरेंद्र सहवाग ने एक ऐसा अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया जो आज तक पूरी तरह से अछूता है। सहवाग ने टूर्नामेंट के शुरुआती लगातार 5 मैचों में भारतीय पारी की पहली ही गेंद पर बाउंड्री यानी चौका जड़कर शुरुआत की थी। मैच की पहली ही गेंद से विपक्षी टीम और उनके मुख्य गेंदबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना देना सहवाग की सबसे बड़ी खासियत और पहचान थी।
सहवाग के इस अनोखे 'पंजों के रिकॉर्ड' की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ हुई, जब उन्होंने शफीउल इस्लाम की पहली गेंद पर शानदार कवर ड्राइव मारकर चौका बटोरा और उसी मैच में 175 रनों की विशाल पारी खेली। इसके बाद इंग्लैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड्स के खिलाफ भी उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर चौका ठोका। इस रिकॉर्ड का पांचवां शिकार नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेल स्टेन बने, जिनकी पहली ही गेंद को सहवाग ने सीमा रेखा के पार भेज दिया।
सहवाग की इस निडर मानसिकता और बिना किसी दबाव के खेलने की शैली का लोहा दुनिया के हर दिग्गज ने माना है। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने एक बार कहा था कि "मैच के पहले 10 ओवरों में विश्व क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग से ज्यादा खतरनाक और असरदार बल्लेबाज कोई दूसरा नहीं हुआ।"
आपको बता दें कि पहली ही गेंद से प्रहार करने का उनका यह अंदाज 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाने में बेहद अहम साबित हुआ था।