Indian Cricket Team: सुपर आठ चरण के पहले मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से हार झेलनी पड़ी। इस नतीजे ने भारतीय टीम को दोहरा नुकसान पहुंचाया। एक ओर अंक तालिका में पीछे रहना पड़ा, वहीं दूसरी ओर शुद्ध रन दर भी बुरी तरह प्रभावित हुई। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़ी हार के बाद भारत की शुद्ध रन दर -3.80 पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका +3.80 और वेस्टइंडीज +5.35 के साथ मजबूत स्थिति में है।
इस हालात ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यही है कि क्या इतनी कमजोर शुद्ध रन दर के बावजूद भारत सेमीफाइनल में जगह बना सकता है।
भारतीय टीम के लिए एक ऐसा रास्ता मौजूद है, जिसमें शुद्ध रन दर की चिंता कम हो सकती है। सबसे जरूरी शर्त यह है कि भारत को सुपर आठ में अपने दोनों बचे मुकाबले जीतने होंगे। यदि टीम ऐसा करने में सफल रहती है, तो उसके कुल चार अंक हो जाएंगे। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका को भी अपने बाकी दोनों मैच जीतने होंगे। यदि ऐसा होता है, तो वेस्टइंडीज अधिकतम दो अंकों पर ही रुक जाएगा। इस स्थिति में भारत और दक्षिण अफ्रीका शीर्ष दो स्थानों पर रहते हुए सीधे सेमीफाइनल में पहुंच सकते हैं। इस समीकरण में शुद्ध रन दर का प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि यदि दक्षिण अफ्रीका कोई मैच हारता है या वेस्टइंडीज दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो अंक बराबर होने की स्थिति बन सकती है। तब फैसला शुद्ध रन दर के आधार पर होगा। ऐसे में भारत के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
सुपर आठ की अंक तालिका में तीसरे स्थान पर मौजूद भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेपॉक मैदान पर वेस्टइंडीज से होगा। इसके बाद अंतिम सुपर आठ मैच मार्च में ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। दोनों ही मुकाबले भारत के लिए करो या मरो जैसे होंगे। पहले मैच की हार के बाद टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार की जरूरत साफ दिखी है।
सुपर आठ चरण छोटा है और हर मैच निर्णायक साबित हो सकता है। भारत के पास अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। यदि टीम दोनों मैच जीतती है और अनुकूल परिणाम मिलते हैं, तो सेमीफाइनल का टिकट मिल सकता है। अब सबकी नजर अगले मुकाबले पर टिकी है, जहां जीत ही भारतीय अभियान को नई दिशा दे सकती है।