गोल्डन गर्ल नूपुर का भिवानी में भव्य स्वागत (फोटो- सोशल मीडिया) 
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गोल्डन गर्ल नूपुर का भिवानी में भव्य स्वागत! अब नजर कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स पर

Nupur Shyoran: भिवानी की बॉक्सर नुपुर श्योराण विश्व मुक्केबाजी कप में गोल्ड जीतकर लौटीं। उनके सम्मान में भिवानी में जोरदार स्वागत हुआ, जहां लोगों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया।

संजय सिंह बिष्ट

NUPUR SHYORAN GOLD MEDAL: मिनी क्यूबा के नाम से मशहूर भिवानी में सोमवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा। विश्व मुक्केबाजी कप में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नुपुर श्योराण जब अपने शहर पहुंचीं, तो लोगों ने उनका शानदार स्वागत किया। फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और ज़ोरदार नारों के बीच चैंपियन बेटी का सम्मान देखने लायक था। सड़क से लेकर चौक तक भीड़ नुपुर की एक झलक पाने को उमड़ पड़ी थी।

नुपुर श्योराण का अगला बड़ा लक्ष्य

कैप्टन हवा सिंह बॉक्सिंग अकादमी से प्रशिक्षण लेने वाली नुपुर श्योराण ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह स्वर्ण जीत उनके लिए नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उनका अगला प्रमुख लक्ष्य 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है। नुपुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां मुकेश श्योराण, पिता और कोच व भीम अवार्डी संजय श्योराण को दिया। वह कहती हैं कि उनके परिवार और कोच का अटूट विश्वास ही उनकी असली ताकत है, जो हर चुनौती के समय उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देता है।

2025 में नुपुर की शानदार उपलब्धियां

नुपुर के पिता संजय श्योराण ने बताया कि वर्ष 2025 नुपुर के लिए बेहद खास रहा। इस साल उन्होंने तीन विश्व स्तर के पदक जीते हैं, जिनमें दो स्वर्ण और एक रजत शामिल है। अभी तक वह 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में मुकाबले खेलती रही हैं, लेकिन अब वह कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों की तैयारी एक नए प्लान और नई रणनीति के साथ करेंगी। संजय श्योराण ने यह भी बताया कि नुपुर उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी की मुक्केबाज हैं और वर्तमान में वह विश्व चैंपियन के साथ-साथ रैंकिंग में नंबर-1 पर भी काबिज हैं।

भिवानी और देश के लिए प्रेरणा बनीं नुपुर

कैप्टन हवा सिंह बॉक्सिंग अकादमी के पदाधिकारियों और भिवानी के खेल प्रेमियों ने नुपुर की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उनका कहना है कि नुपुर न सिर्फ भिवानी की पहचान बढ़ा रही हैं, बल्कि पूरी भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी यह जीत आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी नया उत्साह लेकर आई है। नुपुर की निरंतर मेहनत और अनुशासन ने साबित किया है कि छोटे शहर से निकलकर भी विश्व स्तर पर बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि भिवानी के मुक्केबाजी इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है, जहां नुपुर श्योराण का नाम अब नई ऊंचाइयों का प्रतीक बन चुका है।

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