जसप्रीत बुमराह (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

BCCI को बदलना होगा बड़ा नियम, जसप्रीत बुमराह की वजह से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में होगा 2 करोड़ का फेरबदल

Jasprit Bumrah: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से ए प्लस कैटेगिरी हटाई, जो तीनों फॉर्मेट खेलने वालों के लिए थी, लेकिन इस फैसले से बनी स्थिति अब बदलाव की मांग कर रही है।

संजय सिंह बिष्ट

BCCI Players Central Contract: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने साल 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव करते हुए A+ कैटेगिरी को खत्म करने का फैसला किया। इस कैटेगिरी में पहले ऐसे खिलाड़ी शामिल थे जो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में खेलते थे। पिछली बार इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा शामिल थे। अब कोहली और रोहित केवल वनडे में खेल रहे हैं, जबकि जडेजा टेस्ट और वनडे में सक्रिय हैं। तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी बुमराह ही हैं।

बुमराह को हो रहा है नुकसान

A+ कैटेगिरी में शामिल खिलाड़ियों को बीसीसीआई सालाना 7 करोड़ रुपये देती थी। अब कैटेगिरी हटने के बाद बुमराह को ए कैटेगिरी में रखा गया है, जिसमें सालाना वेतन 5 करोड़ रुपये है। इससे बुमराह को 2 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। बोर्ड अब इस नुकसान की भरपाई पर विचार कर रहा है क्योंकि बुमराह तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई देख रही है कि उनकी फीस को 7 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ करना सही नहीं होगा। इसके लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव संभव है।

अक्षर पटेल का मामला

ऐसा ही मामला अक्षर पटेल का भी है। वह लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और टेस्ट टीम का हिस्सा भी हैं, लेकिन उन्हें ग्रेड C में रखा गया है, जिसमें खिलाड़ियों को सालाना एक करोड़ रुपये मिलते हैं। इस वजह से उनके वेतन में भी सुधार पर विचार हो सकता है।

ग्रेड और खिलाड़ियों की सूची

साल 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुल 30 खिलाड़ी शामिल हैं। इस बार बीसीसीआई ने ग्रेड A में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को जगह दी है। ग्रेड B में 11 खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि ग्रेड C में 16 खिलाड़ी हैं। हर कैटेगिरी में खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसों की पूरी जानकारी अभी बीसीसीआई ने सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि बुमराह और अक्षर पटेल के वेतन में आई कमी के बाद बोर्ड जल्द इस पर घोषणा कर सकता है।

AI तकनीक ने दी आयुष्मान योजना को उड़ान, भारत में 33% आबादी को लाभ; योजना के 8 साल पूरे

दिल्ली में SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वोटरों का भरोसा बढ़ाने के लिए EC को कदम उठाने का निर्देश

आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, 12.69 करोड़ अस्पताल भर्ती मामलों को मंजूरी, जानें कितनी सफल रही PM-JAY

याचना नहीं अब रण होगा...बिहार के किसान परिवार से निकला वो लड़का, जिसकी कविताओं से थरथराती थी अंग्रेजी सरकार

बॉम्बे हाई कोर्ट की विजय माल्या को सख्त चेतावनी, सोशल मीडिया पर कोर्ट के दस्तावेज न करें पोस्ट