Commonwealth Games 2030: भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत को 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक घोषणा की जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व और सम्मान का क्षण बताया। भारत दूसरी बार इन प्रतिष्ठित खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले साल 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन हुआ था, जिसने भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिलाई थी।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी पोस्ट में बताया कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में किया जाएगा। उन्होंने लिखा कि यह न केवल भारत बल्कि गुजरात के लिए भी गर्व का क्षण है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच और दृष्टि का परिणाम है, जिसके तहत भारत को विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और प्रतिभाओं का केंद्र बनाया जा रहा है। जयशंकर ने यह भी कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के लिए ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि यह गुजरात और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक पल है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के कार्यकारी बोर्ड ने 2030 के आयोजन के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में चुना है, जो राज्य के खेल बुनियादी ढांचे और बढ़ती क्षमताओं का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत को वैश्विक खेल उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर करने की प्रतिबद्धता की सराहना की।
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से हुई थी। तब इसे “ब्रिटिश एम्पायर गेम्स” के नाम से जाना जाता था। दिलचस्प बात यह है कि उस पहले आयोजन में ब्रिटिश इंडिया ने हिस्सा नहीं लिया था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन में आयोजित दूसरे संस्करण में भाग लिया था। आने वाला 2030 संस्करण इन खेलों के शताब्दी वर्ष को दर्शाएगा।
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जानकारी के अनुसार, 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होंगे, जहां 74 देशों के करीब 3,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसके बाद 2030 में अहमदाबाद खेलों का केंद्र बनेगा। इस आयोजन से न केवल भारत की खेल प्रतिष्ठा और मजबूत होगी, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।