एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (फोटो-सोशल मीडिया) 
खेल

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद बिहार में अब होंगे खेलो इंडिया यूथ गेम्स और पैरा गेम्स, केंद्रीय खेल मंत्री ने किया ऐलान

खेल मंत्रालय ने कहा कि बिहार अगले साल अप्रैल में पहली बार खेलो इंडिया युवा खेलों और पैरा खेलों की मेजबानी करेगा। पहली बार खेलो इंडिया को ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित किया जायेगा।

उज्जवल सिन्हा

स्पोर्ट्स डेस्क : एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सफल आयोजन के बाद बिहार में एक बार फिर से खिलाड़ियों का जमावड़ा लगने वाला है। बिहार में 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स और पैरा गेम्स आयोजित किया जाएगा। इसकी मेजबानी अप्रैल माह में होगी। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह आयोजन राज्य को देश के खेल नक्शे पर मजबूत करेगा।

इसके साथ ही बिहार में खेलो इंडिया पैरा गेम्स का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन युवा खेलों के 10-15 दिन बाद होगा। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि खेलो इंडिया गेम्स देश के हर कोने तक पहुंचे। बिहार में यह आयोजन उस सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है।

हाल में बिहार ने राजगीर में महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी चैंपियनशिप की सफल मेजबानी की थी। इसमें भारतीय टीम ने चीन को हराकर खिताब जीता था। इन आयोजनों से राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभाओं को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

खेलो इंडिया पैरा गेम्स का महत्व

पैरा गेम्स का पहला संस्करण 2022 में दिल्ली में हुआ था। इसे खेलों में समावेशिता और पैरा एथलीटों को प्रोत्साहित करने का बड़ा कदम माना जाता है। अब इसका आयोजन बिहार में होने से राज्य के खेल विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे पहले खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 इस साल जनवरी में तमिलनाडु में आयोजित किए गए थे। मंडाविया ने कहा, "हम एथलीटों को देश भर में उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता भी सभी के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए राज्य की विरासत को अपनाना और उसका जश्न मनाना आवश्यक है।"

बिहार बुनियादी ढांचे को विकसित करने और जमीनी स्तर से एथलीटों को सहायता प्रदान करने की मंत्रालय की योजनाओं का एक अभिन्न अंग है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के केंद्र में प्रतिभा विकास है और बिहार खेल विभाग के विकास कार्यक्रमों का भी एक प्रमुख लाभार्थी है। बिहार में 38 खेलो इंडिया केंद्र और एक खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र है जो सभी स्तरों के एथलीटों की सेवा करता है। इसके अलावा, तीन SAI प्रशिक्षण केंद्र भी हैं।

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