Pakistan Government Funding Terrorism: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, पाकिस्तान से बड़ा भिखमंगा मुल्क दुनिया में कोई नहीं है। कहते हैं कि अल्लाह, आर्मी और अमेरिका मिलकर उसे चलाते हैं। सऊदी अरब ने अपने देश में रहकर भीख मांगने वाले हजारों पाकिस्तानियों को पकड़कर वापस उनके देश भेज दिया था। पाकिस्तान जिससे कर्ज लेता है, उसे वापस नहीं लौटाता। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) और वर्ल्ड बैंक जब पैसा वापस मांगते हैं, तो वह ब्याज चुकाने के लिए फिर नया लोन मांग लेता है। इस पैसे से वह आतंकवाद की भट्टी सुलगाता है। पाकिस्तान में आटा से लेकर पेट्रोल तक इतना महंगा है कि आम जनता बुरी तरह बेहाल है।'
हमने कहा, 'आज आप पाकिस्तान का मुद्दा क्यों उठा रहे हैं? हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर मरकज सुभानल्ला को तबाह कर खंडहर में बदल दिया था।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, पाकिस्तान सरकार की मदद से मरकज के आतंकी ट्रेनिंग अड्डे का नए सिरे से निर्माण कर लिया गया है। उसे संगमरमर से बनाया गया। स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, आतंकियों के रहने के कमरों, ट्रेनिंग क्लास सब कुछ फिर से बनकर तैयार हो गए। पाकिस्तान रक्तबीज राक्षस की तरह है जो फिर से आतंकवाद के लिए तैयार हो जाता है। इस देश को अपनी गरीबी, बेरोजगारी दूर करने या आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के निर्माण से मतलब नहीं है। वह सिर्फ आतंकी सपोलों को पालने का काम करता है। भारत से द्वेष रखना और कश्मीर हड़पने का सपना देखना यही उसका उद्देश्य है। पाकिस्तान ने मक्का में तुर्किए और सऊदी अरब के साथ सैनिक समझौता किया है। इसमें से किसी भी देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। अमेरिका पहले ही पाकिस्तान का आका और चीन उसका काका है। पाकिस्तान का नाम बदलकर आतंकिस्तान रख देना चाहिए क्योंकि उसकी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकवादियों की पैदावार करती है। यहां-वहां से कर्ज लेकर पाकिस्तान आतंक की विषबेल बढ़ाने का काम करता है। अब वह फिर कोई बड़ा आतंकी दुस्साहस कर सकता है।'
हमने कहा, 'ऐसा हुआ तो भारत नक्शे से ही उसका नाम मिटा देगा।'