ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के इस्तीफा दे देने से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लिए संकट उत्पन्न हो गया है. दोनों ही मंत्रियों ने कहा कि घोटालों की सीरीज के बाद ब्रिटेन की जनता ने जॉनसन की देशहित में शासन करने की क्षमता पर विश्वास खो दिया है. जाविद ने जॉनसन को पत्र में लिखा कि मुझे खेद है कि आपके नेतृत्व में स्थिति नहीं बदलेगी और इसलिए आपने मेरा विश्वास खो दिया है.
जॉनसन पर दबाव था कि वह एक प्राइवेट क्लब में चीफ व्हिप क्रिस पिंचर के दुराचरण के बारे में स्थिति स्पष्ट करें. सरकार इस बारे में 5 दिनों तक जवाब देना टालती रही. मंत्रियों ने पहले कहा कि जॉनसन को इन आरोपों के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन बाद में एक प्रवक्ता ने कहा कि जॉनसन को पिंचर के यौन दुराचरण की जानकारी थी लेकिन बाद में मामला निपट गया और इसकी कोई औपचारिक शिकायत भी नहीं की गई. इस मामले से सरकार की छवि खराब हुई.
सुनक और जाविद पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री जॉनसन का बचाव करते आ रहे थे. जॉनसन पर कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान अपने 10,डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय व आवास में नाइट पार्टियां आयोजित करने का आरोप था. व्यर्थ के खर्च को लेकर भी वित्त मंत्री सुनक ने जॉनसन को निजी बातचीत में खरी-खोटी सुनाई थी.
ऋषि सुनक ने अपने इस्तीफे के संबंध में कहा कि ऐसे समय, जबकि विश्व महामारी के आर्थिक दुष्प्रभावों को झेल रहा है, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है तथा अन्य गंभीर चुनौतियां मुंह खोले खड़ी हैं, तब मैंने सोच-समझकर ही वित्तमंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है. जनता चाहती है कि सरकार गंभीरतापूर्वक उचित व सक्षम तरीके से काम करे. इस स्तर का काम नहीं हो रहा है, इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं. 2 प्रमुख मंत्रियों के त्यागपत्र देने के बाद अब अनुमान लगाया जा रहा है कि बोरिस जॉनसन भी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं.