(डिजाइन फोटो)  
नवभारत विशेष

आज ही के दिन हुआ था भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी का जन्म, जानें 16 सितंबर का इतिहास

भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को संगीत जगत की अप्रतिम प्रतिभा और अविवादित सुर साम्राज्ञी के तौर पर जाना जाता है। इतिहास में 16 सितंबर की तारीख संगीत की इस महान साधिका के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है।

मृणाल पाठक

नई दिल्ली: भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को संगीत जगत की अप्रतिम प्रतिभा और अविवादित सुर साम्राज्ञी के तौर पर जाना जाता है। इतिहास में 16 सितंबर की तारीख संगीत की इस महान साधिका के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। तमिलनाडु के मदुरै शहर में 16 सितंबर, 1916 को जन्मी सुब्बुलक्ष्मी ने पांच साल की उम्र में संगीत की शिक्षा ग्रहण करनी शुरू की थी। उन्होंने देश की बहुत सी भाषाओं में गीत गाए।

यह उनकी कला साधना का ही प्रभाव था कि लता मंगेशकर ने उन्हें 'तपस्विनी' कहा, उस्ताद बड़े गुलाम अली खां ने उन्हें 'सुस्वरलक्ष्मी' का नाम दिया, किशोरी अमोनकर उन्हें 'आठवां सुर' कहती थीं, जो संगीत के सात सुरों से ऊंचा है। उन्हें कला क्षेत्र में योगदान के लिए 1954 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 1998 में भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से अलंकृत करके उनकी कला को शीर्ष नागरिक सम्मान से नवाजा

देश-दुनिया के इतिहास में 16 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:-

1630 : मैसाच्युसेट्स के इलाके शॉमट का नाम बदलकर बोस्टन किया गया, जो अब अमेरिका का प्रमुख शहर है।

1795 : ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन पर कब्जा किया।

1821 : मेक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।

1848 : फ्रांस ने अपने सभी उपनिवेशों में दास प्रथा को समाप्त किया।

1861 : ब्रिटेन के डाकघर ने बचत बैंक खातों की सुविधा शुरू की।

1906 : नार्वे के रोएल्ड एमंडसन ने चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव की खोज की।

1916 : भारत रत्न शास्त्रीय गायिका एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का जन्म।

1967 : सोवियत संघ ने पूर्वी कजाख में परमाणु परीक्षण किया।

1978 : जनरल जिया उल हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति निर्वाचित।

1986 : दक्षिण अफ्रीका की एक सोने की खदान में फंस जाने से 177 लोग मारे गए।

2009 : दुनियाभर में भारत को एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने वाले ‘अतुल्य भारत अभियान' को ब्रिटिश सरकार ने पुरस्कृत किया।

2020 : विदुषी, लेखिका और कलाविद डॉ. कपिला वात्स्यायन का निधन।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

शौर्य और वीरता की अमर गाथा, ओम बिरला समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मेजर धन सिंह थापा को किया याद

दिनेश शर्मा की नई पारी शुरू, अंडमान-निकोबार के बने उपराज्यपाल, राष्ट्रपति-PM समेत नेतृत्व का जताया आभार

झारखंड में साढ़े 3 साल में 3 मंत्रियों की मौत, संयोग या कुछ और, शिक्षा विभाग से जुड़े थे तीनों मंत्री

तमिलनाडु विधानसभा: CM विजय के विधानसभा संबोधन को लेकर छात्रों में बढ़ा उत्साह, विज़िटर पास के लिए उमड़ी भीड़

हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक थे, सुदिव्य सोनू के निधन से झारखंड में शोक, कांग्रेस-JMM नेताओं ने जताया दुख