महिला सशक्तिकरण में नवदुर्गा के 'ये' गुण निभा सकते हैं बड़ी भूमिका, महिलाएं अवश्य सीखें और अपने आचरण में लाएं इन बातों को 
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महिला सशक्तिकरण में नवदुर्गा के ये गुण निभा सकते हैं बड़ी भूमिका, महिलाएं अवश्य सीखें और अपने आचरण में लाएं इन बातों को

आज की नारी में जहां मां दुर्गा का ममतामयी रूप सजा है वहीं कुछ कर गुजरने का जोश भी निहित है। सृजन और संहार के दोनों रूपों को अपनाकर सशक्त हुई है आज की यह नारी।

सीमा कुमारी

Navratri 2024:  3 अक्तूबर 2024 गुरुवार से शारदीय नवरात्रि महापर्व शुरु हो रही है,जिसका समापन 11 अक्तूबर महानवमी के दिन होगा। आपको बता दें, नवरात्र सिर्फ पूजा और अनुष्ठान का पर्व ही नहीं है, बल्कि नारी सशक्तीकरण को सेलिब्रेट करने का शुभ अवसर भी है। मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की अपार शक्ति नारी सशक्तीकरण का प्रतीक है।

आज की नारी में जहां मां दुर्गा का ममतामयी रूप सजा है वहीं कुछ कर गुजरने का जोश भी निहित है। सृजन और संहार के दोनों रूपों को अपनाकर सशक्त हुई है आज की यह नारी। यह सांस्कृतिक पर्व है जो दुर्गा की शक्ति को रिलेट करता है नारी सशक्तीकरण से

आदि शक्ति हैं मां दुर्गा। इनके तीन गुण हैं सृजन, पालन और संहार। कभी वह सृजन करती हैं तो कभी मां के रूप में पालन करती हैं और कभी अपने भीतर की शक्ति को जागृत कर महिषासुर जैसे दानवों का संहार करती हैं। आज की नारी देवी दुर्गा के इन्हीं रूपों को साक्षात तौर पर निभा रही हैं।

ऐसे में शारदीय नवरात्रि महापर्व के शुभ अवसर पर हर नारी को अपनाने चाहिए नवदुर्गा के ये गुण, आइए जानते हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और उनके महत्व के बारे में।

मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जो धैर्य का प्रतीक हैं। उन से हमें धैर्य और सहनशीलता का गुण सीखना चाहिए, ताकि जीवन की कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता पाई जा सके।

मां ब्रह्मचारिणी

मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और संयम का प्रतीक हैं। यह स्वरूप हमें इच्छाओं को नियंत्रित कर कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा देता है, जिससे हम अपने लक्ष्यों को पा सकें।

मां चंद्रघंटा

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो भक्ति और सेवा का स्वरूप हैं। यह स्वरूप हमें दूसरों की सेवा करने और सहयोग की भावना को अपनाने की प्रेरणा देता है।

मां कूष्माण्डा

मां कूष्माण्डा साहस का प्रतीक हैं। यह स्वरूप हमें जीवन की चुनौतियों का साहस और उत्साह से सामना करने की प्रेरणा देता है।

मां स्कंदमाता

मां स्कंदमाता मातृत्व और संतानों के प्रति देखभाल का प्रतीक हैं। एक आदर्श नारी में मातृत्व का गुण होना आवश्यक होता है, जो प्रेम और देखभाल का प्रतीक है।

मां कात्यायनी

मां कात्यायनी को धर्म और न्याय का प्रतीक माना जाता है। यह स्वरूप हमें सच्चाई और न्याय के मार्ग पर चलने की शिक्षा देता है।

मां कालरात्रि

मां कालरात्रि विनाश का प्रतीक हैं। यह स्वरूप हमें हानिकारक और नकारात्मक चीजों का त्याग करने और कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति देता है।

मां महागौरी

मां महागौरी पवित्रता का प्रतीक हैं। यह स्वरूप हमें अपने जीवन में शुद्धता और पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है, जिससे हम बुराई से दूर रहें।

मां सिद्धिदात्री

मां सिद्धिदात्री साधना और आत्मसमर्पण का प्रतीक हैं। यह स्वरूप हमें साधना के माध्यम से आत्मिक विकास और सिद्धि प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

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