Weekly Transit For 5 July to 11 July: जुलाई 2026 का महीना ज्योतिष और धर्म दोनों ही दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह अपनी राशि और चाल बदलेंगे, जिनका प्रभाव जनजीवन और विभिन्न राशियों पर देखने को मिलेगा।
सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, बुध वक्री से मार्गी होंगे, शुक्र दो बार राशि परिवर्तन करेंगे और शनि वक्री चाल शुरू करेंगे। इसके साथ ही कर्क संक्रांति, पुष्य नक्षत्र, पंचक और गुरु पूर्णिमा जैसे कई महत्वपूर्ण योग भी इसी माह बनेंगे।
माह की शुरुआत आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा से होगी। 14 जुलाई को कृष्ण पक्ष समाप्त होगा, जबकि 15 जुलाई से आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होकर 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के साथ संपन्न होगा। 30 जुलाई से श्रावण मास के कृष्ण पक्ष का आरंभ होगा। अमांत परंपरा वाले क्षेत्रों में इस अवधि को आषाढ़ मास का कृष्ण पक्ष माना जाएगा।
महीने की शुरुआत में सूर्योदय सुबह 5:13 बजे और सूर्यास्त शाम 6:47 बजे होगा। 31 जुलाई तक सूर्योदय 5:24 बजे और सूर्यास्त 6:36 बजे रहेगा। पूरे महीने में दिन लगभग 22 मिनट छोटे और रातें 22 मिनट लंबी हो जाएंगी।
17 जुलाई तक सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे और इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल पूरे महीने वृषभ राशि में रहेंगे। बुध 7 जुलाई को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 24 जुलाई को मार्गी हो जाएंगे। शुक्र 4 जुलाई को सिंह तथा 31 जुलाई को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। शनि 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री चाल शुरू करेंगे। गुरु पूरे माह कर्क राशि में रहेंगे, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में भ्रमण करेंगे।
6 जुलाई को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसे अच्छी वर्षा का संकेत माना गया है। 20 जुलाई को सूर्य पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं 17 जुलाई की रात्रि सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश के साथ कर्क संक्रांति का पुण्यकाल प्रारंभ होगा, जिसका धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है।
14 जुलाई की रात्रि से 15 जुलाई की मध्यरात्रि तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, जिसे खरीदारी और कई शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचक 3 जुलाई की रात्रि से 8 जुलाई तक रहेगा। इसके बाद 31 जुलाई से पंचक दोबारा शुरू होकर अगस्त तक जारी रहेगा।
जुलाई में गुरु पूर्णिमा, रोहिणी व्रत, अष्टाह्निका व्रत, पाक्षिक प्रतिक्रमण, चौमासी अट्ठाई और उर्स जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होंगे। इसके अलावा 1 से 5 जुलाई तक गुजरात में नर्मदा पंचक्रोशी पदयात्रा का आयोजन भी किया जाएगा।
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जुलाई 2026 ग्रहों के महत्वपूर्ण परिवर्तन, कर्क संक्रांति, पुष्य नक्षत्र, पंचक और प्रमुख धार्मिक पर्वों के कारण विशेष महत्व रखता है। यदि आप विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी या अन्य शुभ कार्यों की योजना बना रहे हैं तो पंचांग, ग्रह गोचर और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अधिक लाभकारी रहेगा।