भगवान जगन्नाथ को मालपुआ बहुत ज्यादा प्रिय है (सौ.सोशल मीडिया)  
धर्म

भगवान जगन्नाथ को चढ़ाते हैं मालपुए का भोग, जानिए किस राज्य और किस शहर से आता है यह विशेष मालपुआ

जगन्नाथ रथ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है जो हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है। इस नौ दिवसीय यात्रा में भगवान जगन्नाथ को मालपुआ का विशेष भोग लगाया जाता है जो उन्हें बहुत प्रिय है।

सीमा कुमारी

पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से एक है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ यानी भगवान कृष्ण को समर्पित है और ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित है। आपको जानकारी के लिए बता दें, जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली भव्य रथ यात्रा जल्द ही शुरू होने वाली है।

आपको बता दें, इस यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं। इस यात्रा की शुरुआत हर साल आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है। जो कि इस साल 27 जून से हो जा रही है।

इस नौ दिवसीय यात्रा के दौरान भगवान को तरह-तरह के भोग लगाए जाते हैं, जिनमें मालपुआ का विशेष स्थान है, तो आइए इसके पीछे का रहस्य जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ को लगाते हैं मालपुए का भोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ को मालपुआ बहुत ज्यादा प्रिय है, और यह परंपरा दशकों पुरानी है। रथ यात्रा के दिन, जब भगवान अपने भाई-बहन के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं, तो उन्हें विशेष रूप से मालपुए का भोग लगाया जाता है। यह मालपुआ केवल रथ यात्रा के दिन ही बनाया जाता है और भगवान को अर्पित करने के बाद भक्तों में बांटा जाता है।

कहां से आता है प्रभु जगन्नाथ का भोग

भगवान जगन्नात के लिए यह मालपुआ छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से लाकर भगवान को अर्पित किया जाता है। इस प्रसाद को पाने के लिए भक्त घंटों कतार में खड़े रहते है। मालपुआ सिर्फ यात्रा के दिन ही बनाया जाता है और भगवान को अर्पित करने के बाद भक्तों में बांटा जाता है।

पंचक आज से हो चुका है शुरू, इस दिशा की यात्रा न करें, और किन बातों की है मनाही, ज़रूर जानिए, कहीं बाद में पछताना न पड़ जाए

क्या है मालपुए भोग का धार्मिक महत्व

  • मालपुआ भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
  • हिंदू धर्म में मालपुआ को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है, किसी भी शुभ काम या त्योहार पर मालपुआ बनाना चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  • ऐसा माना जाता है कि मालपुए का भोग भगवान के मन को खुश करता है और उनकी रथ यात्रा मंगलमय होती है।
  • यह यात्रा एक लंबी और महत्वपूर्ण यात्रा है, और इस दौरान भगवान को उनका पसंदीदा भोजन जरूर चढ़ाना चाहिए।
  • भगवान और भक्तों के बीच का संबंध बहुत गहरा है।
  • मालपुआ जैसी पारंपरिक और घर में बनी मिठाई का भोग लगाने से रिश्तों में मधुरता आती है।
  • भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा, प्रेम और भक्ति का एक साक्षात उदाहरण है।
  • मालपुए का भोग इस यात्रा का एक अभिन्न अंग है, जो भक्तों की श्रद्धा और भगवान के प्रति उनके गहरे प्रेम को दर्शाता है।
  • इस प्रसाद को पाने के लिए भक्त घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं, यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि भगवान का आशीर्वाद है।

यूपी में महिलाओं को योगी सरकार देगी 50-50 हजार रुपये! चुनाव से पहले BJP ने अपनाया बिहार वाला फॉर्मूला

आज की ताजा खबर 13 अगस्त LIVE: सुखबीर सिंह बादल पर हुआ जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती

RG कर रेप केस में बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार चल रहे पूर्व TMC विधायक ओडिशा से गिरफ्तार

अयोग्य को बना दिया मुख्यमंत्री! शिवसेना मामले में SC में सिब्बल की आक्रामक दलीलें

मराठों के गढ़ से सिखों का क्या कनेक्शन, नांदेड़ क्यों पहुंचे थे सुखबिर सिंह बादल? जानें ऐतिहासिक बैकग्राउंड