प्रदोष व्रत के दिन ऐसे करें बेलपत्र पेड़ की पूजा (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

प्रदोष व्रत के दिन इन विधि से करें बेलपत्र पेड़ की पूजा, होंगी महादेव की असीम कृपा

प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है ऐसे में इस दिन बेलपत्र पेड़ की पूजा का खास महत्व है। ऐसे में आइए जानते है प्रदोष व्रत के दिन बेलपत्र पेड़ की पूजा किस विधि के साथ करनी चाहिए।

सीमा कुमारी

Pradosh Vrat: भगवान शिव की आराधना का पावन व्रत प्रदोष व्रत हर महीने के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। इस बार चैत्र महीने यानी हिंदू नववर्ष का पहला प्रदोष व्रत 10 अप्रैल,गुरुवार के दिन रखा जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत और शिव पूजा करने से व्यक्ति के सभी प्रकार के रोग और दोष समाप्त हो जाते हैं इसलिए हिन्दू धर्म में इस व्रत का बड़ा महत्व है।

इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही बेलपत्र पेड़ की पूजा करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ऐसा करने से भक्तों पर सदैव शिव कृपा बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते है प्रदोष व्रत के दिन बेलपत्र पेड़ की पूजा का महत्व

प्रदोष व्रत के दिन ऐसे करें बेलपत्र पेड़ की पूजा

  • प्रदोष व्रत के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। फिर व्रत का संकल्प लें।
  • पहले घर के मंदिर में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा कर लें।
  • इसके बाद बेलपत्र पेड़ के नीचे की साफ-सफाई कर लें।
  • बेलपत्र के पेड़ के सामने पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।
  • फिर बेलपत्र पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें। पेड़ के तने पर चंदन या रोली का तिलक करें और चावल, फूल भी चढ़ाएं।
  • बेलपत्र के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।
  • भगवान शिव की आरती के बाद बेलपत्र पेड़ की परिक्रमा करें।
  • वहीं ध्यान रहें कि प्रदोष व्रत के बेलपत्र का पत्ता गलती से भी नहीं तोड़ें। पूजा के लिए एक दिन पहले ही बेलपत्र तोड़कर रख लें।

जानिए क्या है प्रदोष व्रत के दिन बेलपत्र पूजा का महत्व

प्रदोष व्रत के दिन बेलपत्र पूजा का महत्व है। भगवान शिव को बेलपत्र अति प्रिय है। महादेव की पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाने से भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन शिवजी के साथ बेलपत्र पेड़ की पूजा अत्यंत फलदायी माना जाता है। अगर किसी की कुंडली में ग्रह दोष हैं तो उसे भी इससे शांति मिलती है और जीवन में आने वाले संकटो से छुटकारा भी मिलता है। इसलिए सनातन धर्म में शिव पूजा का विशेष महत्व है।

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट

दिल्ली नगर निगम में क्यों भिड़े AAP-कांग्रेस पार्षद? विकास फंड से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात- VIDEO

नेहा बोरा ने CJP से किया किनारा, हाई कोर्ट में कहा- तिरंगा फहराने के लिए अनुमति जरूरी नहीं; कब आएगा फैसला?

सोनम का झलका दर्द, सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का गंभीर आरोप; कहा चीन लद्दाख को नहीं मानता भारत का हिस्सा

रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह