उत्तर प्रदेश में स्थित शक्तिपीठ (सौ. डिजाइन फोटो)
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UP Shaktipeeth Temples: नवरात्रि में करें यूपी के इन 5 शक्तिधामों के दर्शन, जानें कहां विराजती हैं माता रानी

Shaktipeeth Mandir: उत्तर प्रदेश में मां विशालाक्षी, ललिता देवी, शिवानी, कात्यायनी और पाटेश्वरी के प्रसिद्ध धाम हैं। नवरात्रि के अवसर पर जानें इन मंदिरों से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं और धार्मिक महत्व।

अपूर्वा नायक
वाराणसी का मां विशालाक्षी मंदिर: काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। यहां मणिकर्णिका घाट के निकट स्थित मां विशालाक्षी मंदिर देवी उपासना के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह मंदिर शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। पौराणिक कथाओं में इस स्थान का संबंध माता सती के कुंडल या मणिकर्णिका से जुड़ी मान्यताओं से बताया जाता है। मां विशालाक्षी को देवी शक्ति के स्वरूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
प्रयागराज का मां ललिता देवी मंदिर: प्रयागराज गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां स्थित मां ललिता देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती की अंगुली गिरी थी। प्रयागराज में मां कल्याणी देवी और अलोपी देवी के मंदिर भी प्रसिद्ध हैं। नवरात्रि के अवसर पर इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
चित्रकूट का मां शिवानी धाम: चित्रकूट भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां रामगिरि क्षेत्र में स्थित देवी धाम को लेकर मान्यता है कि माता सती का वक्ष इस स्थान पर गिरा था। देवी को यहां मां शिवानी के रूप में भी पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करने पहुंचते हैं। चित्रकूट का धार्मिक वातावरण इस अवसर पर विशेष रूप से भक्तिमय हो जाता है।
वृंदावन का मां कात्यायनी मंदिर: भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन में मां कात्यायनी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह स्थान देवी उपासना की परंपरा में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती के केश या चूड़ामणि गिरे थे। मां कात्यायनी की पूजा नवरात्रि के दौरान विशेष श्रद्धा से की जाती है। भक्त माता से परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में खुशहाली की कामना करते हैं।
बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित देवीपाटन मंदिर मां पाटेश्वरी को समर्पित है। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित यह मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां माता सती का स्कंध यानी कंधा गिरा था। नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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