तुलसी की पूजा (सोर्स सोशल मीडिया)
वास्तु शास्त्र के मुताबिक तुलसी का पौधा उत्तर या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। दक्षिण दिशा या ऐसी जगह जहां दिनभर अंधेरा रहता हो, वहां तुलसी रखने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पौधे के स्वस्थ विकास के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उसे पर्याप्त धूप और हवा मिलती रहे।कई लोग सुविधा के लिए तुलसी के गमले के आस-पास जूते-चप्पल, कूड़ादान या बेकार सामान रख देते हैं। कुछ पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पास साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखना शुभ माना जाता है। साथ ही, साफ वातावरण पौधे की अच्छी बढ़त के लिए भी जरूरी होता है।अगर तुलसी का पौधा लगातार सूख रहा है या उसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ नहीं माना जाता, जबकि व्यावहारिक रूप से यह पानी, धूप, मिट्टी या देखभाल की कमी का संकेत भी हो सकता है। समय पर देखभाल करने से पौधा फिर से हरा-भरा हो सकता है।तुलसी के पौधे को न तो हमेशा सूखा रखना चाहिए और न ही इतना पानी देना चाहिए कि गमले में पानी भर जाए। पौधे की जरूरत के अनुसार पानी दें और यह सुनिश्चित करें कि गमले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था हो। इससे जड़ें स्वस्थ रहती हैं और पौधा लंबे समय तक अच्छा बढ़ता है।वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी के आसपास कांटेदार या पूरी तरह सूखे पौधे रखने से बचना चाहिए। व्यावहारिक रूप से भी सूखे पौधे बगीचे की सुंदरता कम करते हैं और बीमार पौधों से दूसरे पौधों पर भी असर पड़ सकता है। इससे न केवल आपका पौधों वाला क्षेत्र सुंदर दिखाई देगा, बल्कि तुलसी को पर्याप्त धूप, हवा और बढ़ने की जगह भी मिलती रहेगी।तुलसी की पत्तियां जरूरत होने पर ही तोड़नी चाहिए। कई धार्मिक परंपराओं में कुछ विशेष दिनों या शाम के समय पत्तियां न तोड़ने की मान्यता है। यह धार्मिक आस्था का विषय है। वहीं पौधे की सेहत के लिए भी एक साथ बहुत अधिक पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। तुलसी की पत्तियां ग्रहण के समय खाने में डाली जाती है।सिर्फ पूजा करना ही काफी नहीं है। पौधे को समय-समय पर धूप, पानी, खाद और नई मिट्टी की भी जरूरत होती है। अगर तुलसी की नियमित देखभाल की जाए, तो वह लंबे समय तक हरी-भरी रहती है और घर की सुंदरता भी बढ़ाती है। सर्दीयों में तुलसी को कपड़े से कवर करके रखा जाता है। क्योंकि ठंड में तुलसी के पत्ते काले पड़ जाते है।