भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए और तेज गेंदबाज साकिब महमूद को मौका दिया। पहले वनडे में इंग्लैंड की गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं रही थी, इसलिए टीम मैनेजमेंट ने नई गेंद से अतिरिक्त गति और स्विंग हासिल करने के लिए महमूद पर भरोसा जताया। मैच में उन्होंने नई गेंद से आक्रामक स्पेल फेंका और वॉशिंगटन सुंदर का महत्वपूर्ण विकेट भी अपने नाम किया।साकिब महमूद इंग्लैंड के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। उनका जन्म 25 फरवरी 1997 को इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुआ। बचपन से ही उन्होंने तेज गेंदबाजी में अपनी पहचान बनाई और इंग्लैंड की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे। बाद में घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया। उनकी पहचान तेज गति, स्विंग और नई गेंद से विकेट निकालने वाले गेंदबाज के रूप में होती है।साकिब महमूद का परिवार पाकिस्तान के आजाद कश्मीर क्षेत्र के मीरपुर से जुड़ा हुआ है। उनके माता-पिता बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड आकर बस गए थे। साकिब का जन्म और पालन-पोषण इंग्लैंड में हुआ है, लेकिन उनका पारिवारिक रिश्ता पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि उन्हें अक्सर पाकिस्तान मूल के इंग्लैंड क्रिकेटर के रूप में भी जाना जाता है।साकिब महमूद काफी लंबे समय से लंकाशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने लगातार घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत उन्हें इंग्लैंड डेवलपमेंट प्रोग्राम में भी जगह मिली है। उनकी तेज रफ्तार गेंदबाजी और सीम मूवमेंट ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही उन्हें इंग्लैंड की सीनियर टीम में खेलने का मौका मिला है।साल 2019 में साकिब ने इंग्लैंड के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, जबकि साल 2020 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला। इसके बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी पदार्पण किया और सीमित मौकों में अपनी गति और खतरनाक गेंदबाजी से प्रभावित किया। चोटों के कारण उनका करियर कई बार प्रभावित हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपनी टीम में शानदार वापसी की है।साल 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज साकिब महमूद के करियर का सबसे बड़ा यादगार दौर साबित हुई। उस सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में नौ विकेट लेकर इंग्लैंड को जीत दिलाने में एक अहम भूमिका निभाई और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुने गए। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें इंग्लैंड के भविष्य के प्रमुख तेज गेंदबाजों में गिना जाने लगा।साकिब महमूद तेज गेंदबाज होने के कारण पीठ की गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा। कई महीनों तक वे मैदान से बाहर रहे और टीम में अपनी जगह भी गंवा बैठे। इसके बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की, फिटनेस पर मेहनत की और दोबारा इंग्लैंड टीम में जगह बनाने में सफल रहे। उनकी वापसी को इंग्लैंड क्रिकेट की प्रेरणादायक कहानियों में से एक माना जाता है।पहले वनडे में भारत के बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने दूसरे मुकाबले में अतिरिक्त पेस और नई गेंद से स्विंग के लिए साकिब महमूद को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। उन्होंने नई गेंद से अच्छी लाइन-लेंथ बनाए रखी और अहम विकेट लेकर चयनकर्ताओं के फैसले को सही साबित करने की कोशिश की। इंग्लैंड को उम्मीद है कि महमूद आगामी मुकाबलों में भी गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देंगे।