जैस्मिन सैंडलस (सौ. डिजाइन फोटो )
पंजाब में जन्मी जैस्मिन सैंडलस को बचपन से ही गाने का शौक था। 13 साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ कनाडा चली गईं, जहां से उनके म्यूजिक करियर की नई शुरुआत हुई। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से शुरू हुआ सफर अब बॉलीवुड तक पहुंच गया है।2008 में जैस्मिन का पहला गाना 'मुस्कान' रिलीज हुआ। इसके बाद 2012 में आए 'गुलाबी' एल्बम ने उन्हें पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई।2017 में जैस्मिन ने गैरी संधू के साथ 'लड्डू' गाना गाया। इसके बाद दोनों ने 'इल्लीगल वेपन' और 'इल्लीगल वेपन 2.0' में साथ काम किया, जिससे उनके रिश्ते की चर्चाएं भी तेज हो गईं। इन दोनों को पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री का पावर कपल माना जाता था। गैरी संधू से अलग होने के बाद जैस्मिन मानसिक रूप से काफी टूट गईं। डिप्रेशन की वजह से वह बाइपोलर डिसऑर्डर से भी जूझीं और इस मुश्किल समय में उनकी मां उनका सबसे बड़ा सहारा बनीं। ये जैस्मिन के जीवन का सबसे मुश्किल समय था।ब्रेकअप के बाद जैस्मिन भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन पहुंची थी, जहां उनकी मुलाकात प्रेमानंद महाराजजी से हुई थी। एक इंटरव्यू के दौरान जैस्मिन ने बताया कि प्रेमानंद महाराजजी से मिलने के बाद उनकी जिंदगी ने 360 ड्रिगी टर्न ले लिया। महाराज के द्वारा भेंट में मिली राधारानी की चुनरी हाथों में आते ही उनके जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हो गई। प्रेमानंद महाराजजी से मिलने के बाद जैस्मिन के करियर का सबसे सक्सेसफुल दौर शुरू हो गया। 'धुरंधर' के टाइटल ट्रैक और 'शरारत' से जैस्मिन ने शानदार कमबैक किया। यह गाने भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी खूब पसंद किए गए।'धुरंधर: द रिवेंज' में शाश्वत सचदेव के संगीत पर जैस्मिन ने कई गानों को अपनी आवाज दी। इसी प्रोजेक्ट के जरिए उनका सतिंदर सरताज के साथ काम करने का सपना भी पूरा हुआ। धुरंधर 2 में जैस्मिन के द्वारा गाए गए सॉन्ग जाइए सजना ने इंटरनेट पर धूम मचा दी थी।हाल ही में जैस्मिन ने कॉन्सर्ट के दौरान पूरी दुनिया को अपने होने वाले पति से इंट्रोड्यूज करवाया। जैस्मिन ने ये बताया कि अब उनकी सगाई हो चुकी है और साथ ही उन्होंने अपने मंगेतर शेखर चौधरी को भी पूरी दुनिया के सामने रूबरू करवाया।