अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 (सोर्स- सोशल मीडिया)
हर साल 8 सितंबर को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को पढ़ने-लिखने की क्षमता के महत्व और शिक्षा के व्यापक अवसरों के प्रति जागरूक करना है।साल 2026 में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। UNESCO ने 1966 में इस दिवस की घोषणा की थी और इसके वार्षिक आयोजन 1967 से शुरू हुए।अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की अवधारणा 1965 में ईरान के तेहरान में आयोजित विश्व मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान सामने आई। इसके बाद UNESCO की 1966 की महासम्मेलन बैठक में 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया गया।साक्षरता का महत्व केवल अक्षर पहचानने या लिखने तक सीमित नहीं है। पढ़ने-लिखने की क्षमता व्यक्ति को ज्ञान हासिल करने, जानकारी समझने और समाज में अधिक प्रभावी ढंग से भाग लेने में मदद करती है। UNESCO साक्षरता को एक मौलिक मानव अधिकार से जोड़ता है।दुनिया में साक्षरता के क्षेत्र में प्रगति हुई है, लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। UNESCO के अनुसार 2024 में कम से कम 739 मिलियन युवा और वयस्क बुनियादी साक्षरता कौशल से वंचित थे।साक्षरता व्यक्ति के लिए शिक्षा और आगे सीखने के रास्ते खोलती है। इससे लोग जरूरी जानकारी को समझने, अपने अधिकारों के बारे में जानने और जीवन से जुड़े फैसलों में अधिक आत्मनिर्भर बनने की क्षमता विकसित कर सकते हैं।इस साल अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की थीम Literacy for People, Planet and Prosperity यानी लोगों, धरती और समृद्धि के लिए साक्षरता रखा गया है। 2026 में UNESCO इस अवसर को साक्षरता की उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में देख रहा है।साक्षरता की नींव बचपन में मजबूत होना बेहद महत्वपूर्ण है। UNESCO के अनुसार 2024 के उपलब्ध आंकड़ों में दुनिया के करीब 10 में से 4 बच्चे पढ़ने में न्यूनतम दक्षता स्तर तक नहीं पहुंच रहे थे।