आपदा जोखिम दिवस फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Disaster Risk Reduction Tips: भूकंप आए तो क्या करें? बाढ़ में कहां जाएं? आपदा से बचाव की पूरी गाइड

Disaster Risk Reduction Day: आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर जानिए भूकंप, बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं से बचने के 10 जरूरी तरीके। तस्वीरों में समझिए इमरजेंसी किट, परिवार की योजना और सुरक्षा के आसान उपाय।

अंकिता पटेल
भूकंप, बाढ़, चक्रवात या आग, आपदा बिना बताए आती है, लेकिन तैयारी हो तो नुकसान काफ़ी कम हो सकता है। आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर जानिए सुरक्षा के 10 ज़रूरी तरीके, जो मुश्किल घड़ी में आपके और परिवार के काम आ सकते हैं।
हर क्षेत्र की आपदा अलग होती है। कहीं भूकंप का ख़तरा ज़्यादा है, तो कहीं बाढ़, भूस्खलन या चक्रवात का। अपने शहर या गाँव में किस आपदा की आशंका ज़्यादा है, यह स्थानीय प्रशासन या ज़िला आपदा प्रबंधन कार्यालय से पता करें। जोखिम की जानकारी ही तैयारी की पहली सीढ़ी है।
घर के सभी सदस्य मिलकर तय करें कि आपदा के समय क्या करना है। मिलने की एक सुरक्षित जगह चुनें, ज़रूरी फ़ोन नंबर लिखकर रखें और घर से बाहर निकलने का सबसे सुरक्षित रास्ता सबको समझाएँ। बच्चों को भी उनके स्तर पर यह योजना ज़रूर बताएँ।
एक बैग में पीने का साफ़ पानी, सूखा खाना, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, पावर बैंक, ज़रूरी दवाइयाँ और प्राथमिक उपचार का सामान रखें। पहचान पत्र और ज़रूरी कागज़ों की कॉपी भी इसमें रखें। किट ऐसी जगह रखें, जहाँ से उसे तुरंत उठाया जा सके, और समय-समय पर उसकी जाँच करते रहें।
झटके महसूस होते ही ज़मीन पर झुकें, मज़बूत मेज़ या पलंग के नीचे सिर और गर्दन ढकें और उसका पाया पकड़े रहें। खिड़की, शीशे और भारी अलमारी से दूर रहें। अगर घर के बाहर हैं, तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर खुली जगह पर जाएँ।
बाढ़ की चेतावनी मिलते ही निचले इलाके छोड़कर ऊँची और सुरक्षित जगह पर चले जाएँ। समय हो तो बिजली का मेन स्विच बंद कर दें। बहते पानी में पैदल या गाड़ी से न उतरें, क्योंकि धीमा दिखने वाला बहाव भी इंसान या वाहन को बहा सकता है। बाढ़ के पानी को पीने या खाने में इस्तेमाल करने से बचें।
मौसम विभाग की चेतावनी पर नज़र रखें और तेज़ हवा या तूफ़ान के समय घर के भीतर रहें। बिजली कड़कने पर खुले मैदान, पेड़ के नीचे और पानी के पास न रुकें। खिड़की-दरवाज़े बंद रखें और बिजली के उपकरण बंद कर दें। समुद्र तटीय इलाकों में प्रशासन के निर्देश पर समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँचें।
भारी अलमारी, टीवी और गैस सिलेंडर जैसी चीज़ों को ठीक से टिकाकर रखें, ताकि झटके में वे गिरें नहीं। बिजली की वायरिंग समय-समय पर जँचवाएँ और घर में अग्निशामक यंत्र रखें। नया मकान बनवाते समय भूकंप-रोधी तकनीक अपनाएँ और निर्माण में मानकों का पालन करें।
आपदा के समय सोशल मीडिया पर गलत ख़बरें तेज़ी से फैलती हैं। सिर्फ़ प्रशासन, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की सूचना पर भरोसा करें। आपात स्थिति में राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। मोबाइल पर आधिकारिक अलर्ट और ऐप जैसे NDMA का सचेत ऐप भी काम आ सकते हैं।
प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी लें और अपने मोहल्ले या स्कूल में होने वाली मॉक ड्रिल में हिस्सा लें। बचाव की योजना में बुज़ुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों और पालतू जानवरों को भी शामिल करें। याद रखें, आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही तैयारी से जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है।

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