लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम IANS
दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पहली बार 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन हुआ। इस भव्य आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150 वर्ष पुरानी विरासत को याद किया गया। 'वंदे मातरम' के बाद 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एमआई-17 हेलीकॉप्टर 'वंदे मातरम' का झंडा लेकर आसमान में उड़ान भरते हुए नजर आए।लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर 'वंदे मातरम' की आकृति भी बनाई गई, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के अलावा 'मेरा भारत' के स्वयंसेवकों समेत कुल 2,500 लड़के और लड़कियों ने हिस्सा। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां पर तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल की ओर से प्रधानमंत्री को 'जनरल सैल्यूट' दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद लालकिले पर पहली बार 'वंदे मातरम' गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष मना रहे हैं, इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सुसज्जित इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह समेत अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।