पुरी जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा के दौरान भगदड़ (सोर्स- सोशल मीडिया) 
ओडिशा

'अवैध पास वाले वाहन और मस्तमौला प्रशासन', चश्मदीद ने बताई पुरी भगदड़ की सच्चाई

घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब हादसा हुआ, तो प्रशासनिक अमले की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उसने बताया कि न तो दमकल अधिकारियों ने, न बचाव दल ने और न ही अस्पताल की टीम ने मदद की।

अभिषेक सिंह

पुरी: रविवार सुबह जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 50 अन्य घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों की आखों देखी मानें तो भीड़ बहुत ज्यादा थी और इंतजाम भी पर्याप्त नहीं थे।

पुरी के जिला मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ एस स्वैन ने बताया कि घटना सुबह करीब 4 बजे हुई, जब सैकड़ों श्रद्धालु रथ यात्रा उत्सव देखने के लिए मंदिर के पास जमा हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि भगवान जगन्नाथ और उनके भाई भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के पास भीड़भाड़ वाली जगह पर अनुष्ठान के लिए सामग्री ले जा रहे दो ट्रकों के घुसने के बाद अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह रथ यात्रा की एक झलक पाने के लिए गुंडिचा मंदिर में 1500 श्रद्धालु जमा हुए थे। यह जगन्नाथ मंदिर से 3 किमी दूर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे पवित्र चार माला की लकड़ी से लदे दो ट्रक सारधाबली इलाके में घुसे। जिसके बाद भगदड़ मच गई। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

'प्रशासनिक अमले ने नहीं की मदद'

घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब हादसा हुआ, तो प्रशासनिक अमले की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। इस व्यक्ति की पत्नी की वहीं मौत हो गई। उसने बताया कि न तो दमकल अधिकारियों ने, न बचाव दल ने और न ही अस्पताल की टीम ने मदद की।

'मंदिर तक पहुंचे अवैध पास वाले वाहन'

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वीआईपी लोगों के मंदिर में प्रवेश के लिए अलग रास्ता बनाया गया था। आम लोगों को वहां से जाने को कहा गया। जब लोग जाने लगे, तो भीड़ बहुत ज्यादा हो गई। इस व्यक्ति के अनुसार, वहां ट्रैफिक मैनेजमेंट की भी समस्या थी। उसने आरोप लगाया कि अनधिकृत पास वाले वाहन मंदिर के करीब आ गए थे। पुरी भगदड़: चार अधिकारियों पर गिरी गाज, 2 का हुआ तबादला; दो सस्पेंड

'1 किलोमीटर दूर खड़ी थी एंबुलेंस'

चश्मदीद ने बताया कि अफरा-तफरी मचने के बाद लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। देखते ही देखते कुछ लोग बेहोश हो गए। उसने बताया कि इसके बाद वह सूचना केंद्र पहुंचा। लेकिन सूचना केंद्र से कहा गया कि वे कुछ नहीं कर सकते। एंबुलेंस घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर खड़ी थी। पुरी का एक अन्य व्यक्ति भी वहां मौजूद था। उसने कहा कि व्यवस्थाएं बिल्कुल भी अच्छी नहीं थीं।

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